न्यूज इम्पेक्टः आखिर क्यों हिल गई सिरोही भाजपा, बचाने में जुटी अपने आदमी

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। बाल श्रमिकों को लेकर सिरोही पुलिस ने मजदूर दिवस पर कई जगह कार्रवाई की। बाल श्रम को लेकर सोमवार को सबगरु न्यूज ने आखिर कब मिलेगी भट्टी की तपिश से मुक्ति शीर्षक से समाचार प्रसारित किया था। जिला बाल संरक्षण समिति की पहल पर शुरू हुई कार्रवाई में जिले की भाजपा को हिलाकर रख दिया।

कार्रवाई में भाजपा के कई नेताओं और पदाधिकारियों ने पुलिस पर जबरदस्त दबाव बनाने का भी प्रयास किया। वहीं एक होटल व्यवसाई द्वारा तो अपनी होटल से बाल श्रमिकों को बाहर भगा देने के सीसीटीवी फुटेज गायब कर देने की जानकारी भी सामने आई है।

बाल कल्याण समिति सिरोही ने मजदूर दिवस पर जिला मुख्यालय पर बाल श्रम कर रहे आठ बाल श्रमिकों को पृथक-पृथक संस्थान से मुक्त कराया। बाल कल्याण समिति सदस्य वीरेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि सीडब्ल्यूसी सिरोही में पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश के साथ मजदूर दिवस पर बाल श्रम रोकने की योजना बनाई गई थी। जिसमें जिले के समस्त थानाधिकारीयों को भी बाल श्रम रोकने हेतु उचित कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे।

बाल कल्याण समिति सिरोही ने शहर के नीलवणी चौक से कार्यवाही प्रारंभ करते हुए विशाल टी-स्टाॅल, शिवगिरी टी-स्टाॅल, भुवनेश्वर हिन्दू होटल, गन्ना रस सेन्टर, किराणा स्टोर से बाल श्रम कर रहे नाबालिग बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन कर उनके घर भेजा। नियोजकों को कठोर कार्यवाही की चेतावनी दी गई। इस मौके पर समिति अध्यक्ष कल्पना कुंवर, सदस्य परबतसिंह राठौड, दरजिंगराम पुरोहित व हनुमानसिंह आढ़ा भी साथ थे।

बाल कल्याण समिति ने कार्यवाही के दौरान संस्थान/प्रतिष्ठान के प्रोपराईटर/मालिकों से संकल्प पत्र भरवाए जिनमें यह घोषणा थी कि उनके संस्थान/प्रतिष्ठान में कोई बाल श्रमिक नहीं है एवं संकल्प लिया कि भविष्य में संस्थान/प्रतिष्ठान को बाल श्रम से मुक्त रखेंगे। जहां बाल श्रमिक नहीं थे उन सभी प्रतिष्ठानों के मालिकों को पुष्प-गुच्छ देकर प्रोत्साहित किया।

भाजपाइयों में मचा हडकम्प

बाल श्रमिकों के खिलाफ शुरू हुई कार्रवाई में भाजपा में जबरदस्त हडकम्प मच गया। सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम भाजपाई नेताओं के करीबियों के यहां भी पहुंची। वहां पर बाल श्रमिकों को लेकर कार्रवाई की। इस पर सिरोही के भाजपा के जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों में बच्चों का शोषण करने वाले भाजपा नेताओं को बचाने की होड सी मच गई।

आला पुलिस अधिकारियों से लेकर जोधपुर-जयपुर तक फोन घनघना दिए। उल्लेखनीय है कि पहले ही भी इसी तरह से सिरोही भाजपा के नेता के रिश्तेदारों के यहां से बाल श्रमिकों को संरक्षण में लेकर संकल्प पत्र भरवाया गया था।

आखिर कहां गए सीसीटीवी फुटेज

सिरोही की एक होटल में तो बाल श्रमिकों पर कार्रवाई के दौरान बाल श्रमिकों को होटल से भगा दिया। ऐसा करने पर उनकी गतिविधियां उनके होटल के सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुई। सूत्रों के अनुसार यह फुटेज होटल के सीसीटीवी फुटेज रेकार्ड से गायब है। सूत्रों के अनुसार यदि बाल कल्याण समिति दबाव दे तो पुलिस इन सीसीटीवी फुटेज को रिकवर करवाने का कार्य कर सकती है।

दबाव में दो बाल श्रमिकों का केस बना रात को

बाल कल्याण समिति की देखरेख में पुलिस ने दोपहर में ही कई जगह कार्रवाई करके आठ बाल श्रमिकों को संरक्षण में लिया था। इनमें से छह के नियोजकों से संकल्प पत्र भरवा लिए गए थे, दो बाल श्रमिक जो भाजपा के पदाधिकारी से यहां से संरक्षण में लिए गए थे, उनको छुडाने के लिए देर रात तक पुलिस और बाल कल्याण समिति के सदस्यों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जाता रहा।

यह दबाव बनाने का काम भाजपा का वह नेता कर रहा था, जो गणतंत्र दिवस समारोेह में सिरोही में संविधान को अंगीकार करने की खुशी के कार्यक्रम में सबसे पहली लाइन में बैठा हुआ था। कानून के विपरीत काम करने की शर्मनाक हरकत को बिना किसी कार्रवाई को खतम करने के लिए पूरी बेशर्मी से देर रात तक प्रयासरत रहा, लेकिन बाल कल्याण समिति दबाव में नहीं आई और देर रात दो और बाल श्रमिकों को संरक्षित किए जाने की कार्रवाई की गई।