भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश की छवि धूमिल : सचिन पायलट

Sachin Pilot comments on rajasthan gaurav yatra
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जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री वसुंधरा के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल को कुशासन और भ्रष्टाचार के कारण प्रदेश के गौरव को धूमिल करने वाला बताते हुए कल से शुरू की जा रही उनकी गौरव यात्रा को सरकारी पैसों का खुला दुरूपयोग बताया है।

पायलट ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार के वर्तमान कार्यकाल में भ्रष्टाचार, कुशासन और घमंंड का बोलबाला रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री निवास का दरवाजा आम आदमी के लिए पूरी तरह बंद रहा। अब जब सरकार का कार्यकाल पूरा होने को है तो मुख्यमंत्री अपनी सरकार के कुशासन, भ्रष्टाचार, अन्याय और सरकारी घमंड से जनता का ध्यान हटाने के लिए नारों के दम पर प्रदेश की जनता को भ्रमित करना चाहती है।

कांग्रेस चालीस दिन की इस यात्रा का विरोध करते हुए प्रतिदिन सरकार से एक सवाल पूछेगी। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग को दिए गए एक सरकारी आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सरकार जनता के पैसे की बर्बादी कर रही है। इस आदेश में सार्वजनिक निर्माण विभाग को गौरव यात्रा के दौरान व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खजाने और ताकत के दम पर गौरव यात्रा निकाली जा रही है। यह प्रदेश की जनता के घावों पर नमक छिड़कने के समान है। राज्य में करीब 150 किसानों ने आत्महत्या कर ली है, सैंकड़ों नौजवान रोजगार के अभाव में फांसी चढ़ गए, राशन का गेंहू मिलना बंद हो गया।

राज्य में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और रोजगार गारंटी योजना अधिनियम लगभग समाप्त कर दिये गये हैं। इसके अलावा बुजुर्ग, विधवा तथा विकलांगों की पेंशन बंद कर दी गई। ऐसे में मुख्यमंत्री और मंत्रियों द्वारा स्वयं की पीठ थपथपाना और गौरव का नारा लगाना बेमानी है।

राज्य में माॅब लिचिंग घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे कानून व्यवस्था की विफलता करार देते हुए सरकार से पूछा कि एेसे नेताओं के खिलाफ क्या कार्यवाही की जा रही है जो भीड़ द्वारा की जा रही इन हत्याओं के समर्थन में बयान देकर उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान के बाद भी गौरक्षा के नाम की जा रही हत्याओं में कमी नहीं आई है।

पायलट ने सरकार पर शिक्षा के निजीकरण का आरोप लगाते हुए सरकार को चेताया कि कांग्रेस किसी सूरत में शिक्षा का निजीकरण नहीं होने देगी। उन्होंने मांग की कि शिक्षा के निजीकरण के संबंध में जो समझौते किए गए हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य में 15 लाख युवा बेरोजगार हैं। सरकार प्रचंड बहुमत के बावजूद इन्हें रोजगार देने में विफल रही है।

आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में मुख्यमंत्री के चेहरे के संबंध में पूछे गए सवाल के जबाव उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इसका फैसला कांग्रेस कार्य समिति द्वारा किया जाता है और कार्य समिति में इसके लिए पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी को अधिकृत किया है। चुनाव में ईवीएम मशीन पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अलग अलग राज्यों से कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने के बाद कोई राय कायम की जा जाएगी।