अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के लिए हरिद्वार के संत एक जुट

हरिद्वार। धर्म नगरी हरिद्वार के संतों के बीच अब राम मंदिर बनाए जाने को लेकर मामला गरमा गया है। अब हरिद्वार के संतों के बीच राम मंदिर बनाने के लिए लगातार कई बैठकें जारी हैं। राम मंदिर निर्माण के लिए सभी संतों एवं कई सामाजिक संस्थाओं में इस मुद्दे केा लेकर व्यग्रता बढ़ती जा रही है।

शनिवार को इस सम्बन्ध में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हरिद्वार में बड़ा बयान दिया है। हरिद्वार में नवनिर्मित पतंजलि गुरूकुलम के उद्घाटन समारोह में संघ प्रमुख ने कहा कि सरकार को राम मंदिर निर्माण के लिए कानून लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्री रामजन्म भूमि राम मंदिर बनाने के लिए हम पहले से इसका समर्थन करते रहे हैं।

संघ प्रमुख ने कहा कि संघ हमेशा अयोध्या में श्री राम जन्म भूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए प्रयासरत रही है। इसलिए हमारी स्पष्ट राय है कि वहां पर जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। उनका कहना है कि सरकार मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाए।

भागवत ने कहा कि संत राम मंदिर निर्माण के लिए आन्दोलन कर रहे हैं, हम संतों कि मांग का पूरजोर सर्मथन करते हैं। उनकी जो भी योजना होगी हम उनके साथ चलेंगे। उन्होंने कहा कि संत जो निर्णय करेंगे संघ मंदिर निर्माण के लिए संतों के साथ कदम से कदम मिलाकर इस कार्य को पूरा करने के लिए हमेशा तत्पर रहेगी।

दूसरी ओर बाबा रामदेव ने भी सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए शीघ्र अतिशीध्र संसद में कानून लेकर आए अन्यथा जनता स्वयं मंदिर निर्माण का कार्य शुरू कर देगी। बाबा राम देव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर और विलम्ब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरकार सड़कों एवं हवाई अड्डों के लिए जमीन अधिग्रहण कर सकती है, तो राम मंदिर निर्माण के लिए ऐसा क्यों नही कर सकती। उन्होंने कहा कि सरकार अयोध्या में जमीन अधिग्रहण करके मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त करे।

सूत्रों के अनूसार कुछ दिनों पहले ही राम मंदिर बनाने के विषय में निर्वतमान शंकराचार्य स्वामी सत्यमित्रानन्द की छह दिसंबर से आमरण अनशन करने की बात कही थी, जिसके चलते राम मंदिर बनाने का मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। दूसरी ओर धर्मसभा में शामिल होने के लिए हरिद्वार के कई संत अयोध्या रवाना हुए है।

गौरतलब है कि वर्ष 1992 में भी जब कई धर्मावलंबियों ने अयोध्या में विवादित ढांचे को गिरा दिया था, उससे पहले भी हरिद्वार में ही कई बैठकें आयोजित की गई थी, और एक बार फिर हरिद्वार के संतों ने एक जुट होकर राम मंदिर बनाए जाने के लिए कई बैठकें आयोजित कर सरकार पर दवाब बनाने की कोशिश की है।

केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने भी हरिद्वार में ही एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए केन्द्र सरकार लगातार प्रयास कर रही है और राम मंदिर अयोध्या में ही बनाया जाएगा।

कई संतो ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि की केन्द्र सरकार राम मंदिर को सिर्फ एक राजनितिक मुद्दा बना कर रखना चाहती है। संतों का कहना है कि राम मंदिर करोड़ों हिन्दूओं की आस्था का विषय है और केन्द्र सरकार को इस पर निर्णय लेने के लिए ज्यादा समय नहीं लेना चाहिए। सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।