लोढ़ा का प्रशासन पर गंभीर आरोप, माउंट आबू से मुफ्त चिली-पनीर मंगवाते हैं अधिकारी

सिरोही में कलेक्टर परिसर में कोंग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पूर्व विधायक संयम लोढ़ा
सिरोही में कलेक्टर परिसर में कोंग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते पूर्व विधायक संयम लोढ़ा

सबगुरु न्यूज-सिरोही। जिले कांग्रेस के आह्वान पर गुरुवार को सिरोही जिले मुख्यालय पर आयोजित पैदल मार्च में पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने जिले के आला अधिकारियों पर नाम लिए बिना गंभीर आरोप लगाए। हाई वोल्टेज पोलिटिकल ड्रामा के दौरान उन्होंने कहा कि रोज मुफ्त की चिली पनीर माउंट आबू से सिरोही मंगवाकर खाने वाले अधिकारी जनता के अधिकारों का हनन नहीं करें। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबू अधिकारियों के चिली पनीर का बिल दे देकर थक चुके हैं। लोढा ने कहा कि ज्यादा देर लगाओगे तो एक एक अधिकारी का नाम लेकर बताऊंगा कि कौन किस किस पटवारी और थानेदार से कितने रुपये लेता है।
वहीं दूसरी ओर लोढा ने कलेक्ट्री परिसर में पुलिस और प्रशासन के बीच एक बार फिर जिला कलेक्टर को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अपनी इन्ही हरकतों के कारण उन्हें झुंझुनू से 4 महीने में ही रवानगी दे दी गयी। जिले के अधिकारियों पर नाम लिए बिना पटवारियों, नायाब तहसीलदारों और तहसीलदारों और तहसीलदारों से कमीशन लेने के आरोप लगाते हुए ये भ्रष्टाचार बन्द करने की मांग की। इतना ही नहीं उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी जिले में अपराधों को बढ़ावा देने और थाने ठेके पर देने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने जिला कलेक्टर बाबूलाल मीणा के बेटे से गत महीने उथमण टोल नाके पर टोल मांगने पर टोल नाके के मैनेजर को गिरफ्तार करने के मामले को भी यह उघाड़ा। दरअसल, जिला कलेक्टर के प्रति लोढ़ा का गुस्सा इस बात को लेकर भड़का कि उन्होंने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्री परिसर में आने से रोक दिया। जिला कलेक्टर ने सारे दरवाजे बंद करवाकर पहली बार किसी धरने के लिए कलेक्ट्री परिसर को बल्लियों की बेरिकेटिंग से बंद करके आम लोगों को भी जबरदस्त परेशन किया। कलेक्टर परिसर में स्थित अन्य कार्यालयों में आने वाले लोगों को भी घुसने में परेशानी हुई।
इससे नाराज होकर लोढ़ा कांग्रेस जिलाध्यक्ष के साथ कलक्ट्रेट के दरवाजे के दोनों पिलर पर चढ़कर बैठ गए और प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। लोढा की दलील थी कि यदि जिला प्रशासन को इस तरह लोगों को अंदर नहीं घुसने देना था तो उन्हें कलक्ट्री परिसर में 141 लगा देनी चाहिए थी।

सिरोही कलेक्ट्री में बंद दरवाजे के दोनों पिलर पर बैठे पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य।
सिरोही कलेक्ट्री में बंद दरवाजे के दोनों पिलर पर बैठे पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और कांग्रेस जिलाध्यक्ष जीवाराम आर्य।

इस बीच पुलिस अधिकारी द्वारा प्रदर्शन में शामिल ऐर्क युवक से उसके घर का पता और थाना पूछने पर लोढ़ा और भड़क गए। उन्होंने अधिकारी को कार्यकर्ता का नाम और घर का पता बताते हुए लोगों को धमकाने की आदत से से बाज आने को कहा। उन्होंने कहा सुधरे नहीं तो वर्दी उतरवा दूंगा। लोढा ने कहा कि ज्यादा कानून बताओगे तो एडिशनल एसपी के आफिस (वास्तव में एएसपी के घर के बाहर डाक बंगले के गेट पर) के बाहर बनाया गया अवैध कमरा तुड़वा दूंगा।लोढ़ा ने आरोप लगाया कि अपनी जेबें भरने के।लिए प्रशासन ने सिरोही को स्मेक की मंडी में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि माताएं उनके सामने आकर रोती हैं कि उनके बच्चे ड्रग्स की चपेट में आकर तबाह हो रहे हैं।

1.25 बजे भयंकर बारिश के बीच भी प्रशासन, पुलिस और कांग्रेस पदाधिकारियों में गतिरोध जारी रहा। इसी दौरान एडीएम आशाराम डूडी के मुख्य द्वार पर ज्ञापन लेने आने पर उन्हें ज्ञापन दिया और इसके साथ करीब दो घंटे चला गतिरोध समाप्त हुआ।

सिरोही में कांग्रेस के धरने के दौरान संयम लोढ़ा को लाकर दिखाया गया एडीएम को कार्यवाहक जिला कलेक्टर बनाने का चार्ज दिए जाने का आर्डर।
सिरोही में कांग्रेस के धरने के दौरान संयम लोढ़ा को लाकर दिखाया गया एडीएम को कार्यवाहक जिला कलेक्टर बनाने का चार्ज दिए जाने का आर्डर।

-ये आर्डर दिखाया तब जाकर एडीएम को दिया ज्ञापन
लोढ़ा ने कलेक्टर की जगह एडीएम को ज्ञापन दिया। दरअसल, इतना बवाल करवाने के बाद ये संदेश आया कि कलेक्टर अवकाश पर चले गए हैं और आज कलेक्टर का चार्ज एडीएम को दिया है। लोढ़ा ने एडीएम को चार्ज दिए जाने का आर्डर दिखाने को कहा। जब जिला कलेक्टर बाबूलाल मीणा द्वारा एडीएम को 19 से 21 तक छुट्टी पर जाने के कारण कलेक्टर का चार्ज देने का आर्डर दिखाया तो लोढ़ा एडीएम को ज्ञापन देने को तैयार हुए।
-अधिकारी क्यों देते हैं पोल खोलने का मौका
संयम लोढ़ा ने जिस तरह से आज जिले के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की सार्वजनिक रूप से जनता और उनके मातहतों के बीच में धूल उतारी है इसका मौका खुद जिला कलेक्टर ने उन्हें दिया। हर बार जब एक ही तरह का नाटक होता है तो फिर प्रशासन की इस जोड़ के पीछे कोई वजह नहीं दिखती कि वो शांतिपूर्ण प्रदर्शन को इस तरह बेरिकेटिंग लगाकर रोके। जब जब कोंग्रेस के प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर हठ धर्मिता पर उतरे लोढा को सार्वजनिक रूप से सत्ताधारी दल के नेताओं और अधिकारियों को उघाड़ने का मौका मिला। जब जब सीधे अंदर गए, तब शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन निपटा।
-निकाला पैदल मार्च
इससे पहले जिला मुख्यालय पर सवेरे से जिले भर के कांग्रेसी एकत्रित होने लगे। मौसम खराब होने के कारण अपने निर्धारित समय से करीब 2 घंटे बाद पैदल मार्च अहिंसा सर्किल से रवाना हुआ। शहर के विभिन्न इलाकों से होता हुआ ये कलेक्ट्री पहुंचा।मार्च इतना लंबा था कि जब इसका एक सिरा सरजावा दरवाजे पर था तो दूसरा सुनार समाज धर्मशाला के पास । पैलेस रोड पर तो ये इंसानी धारा जैसा लग रहा था।