कोरोना पर बैठक में संयम लोढ़ा का सुझाव, बन्द नहीं हों वर्चुअल काम करें न्यायालय हर प्रशासन

कोरोना पर।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हुई वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार और सिरोही विधायक संयम लोढ़ा।
कोरोना पर।मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ हुई वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री के सलाहकार और सिरोही विधायक संयम लोढ़ा।

शिवगंज/सिरोही। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोविड को लेकर वर्चुअल सर्वदलीय बैठक ली। विधायक संयम लोढा ने शिवगंज पंचायत समिति से वर्चुअल बैठक में भाग लिया। वर्चुअल बैठक में विधायक लोढा ने कहां कि विगत कठिन समय में जिस सामर्थ्य के साथ मुख्यमंत्री लोगों के साथ खडे रहे हैं इससे लोगो का मनोबल बना हुआ है।

लोढा ने कहां कि कोरोना से हम सभी ने सबक लिया है। कोरोना की पहली लहर, दूसरी लहर व सम्भावित तीसरी लहर से हमें बहुत सीखने को मिला है। इससे लडने के लिए हमारे शासन व प्रशासन को तैयार रहना चाहिए और इस दिशा में आगे बढना चाहिए और नई तकनीकी का उपयोग करना चाहिए।

लोढा ने कहां कि विगत दो लहर में राजस्थान न्यायालय ने कोई कार्य नहीं किया जबकि दिल्ली की कोर्ट लगातार वर्चुअल चलती रही और फरियादियों को न्याय देने में सक्षम साबित हुई है।

ओमिक्रॉन वायरस को लेकर अलग अलग तरह के अध्ययन जारी है, लेकिन कोरोना को लेकर हमारे पुराने अनुभव रहे हैं। हमें वर्चुअल लेवल पर कोर्ट के साथ साथ हमारे प्रशासन को भी लाना चाहिए। हमारे कर्मचारी भी वर्क फोर होम कार्य कर सके ऐसी पहले से प्लानिंग करनी चाहिए।

हमें पूरी तैयारी यह सोचते हुए करनी चाहिए कि यदि विपरित परिस्थितियां बनती है तो अपने लोगों को शासन कैसे दे पाएं। स्कूलों में जाकर वैक्सीन करनी चाहिए। लोढा ने कहां कि कोरोना से लडने के लिए प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होना अत्यधिक आवश्यक है।

लोढा ने कहा कि मेरा क्षेत्र अकाल ग्रस्त है, अभाव ग्रस्त है। सिरोही जिले में 10 हजार लोगों के मनरेगा में 100 दिन पूरे हो गए है और 40 हजार लोगों के इस माह 100 दिन पूरे हो जाएंगे। लोढा वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से प्रधानमंत्री से मिलने का समय लेकर उक्त समस्या से अवगत कराने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि समय अवधि बढाने से इस विपरित परिस्थितियों में श्रमिकों को आर्थिक सम्बल व रोजगार मिलेगा। लोढा ने रात्रि में 11 से 5 बजे तक लगाए गए कर्फ्यू को हटाए जाने की बात कही। लोढा ने कहा कि कोराना वायरस का मूमेंट हर क्षण होता है तो फिर 6 घंटे कर्फ्यू लगाने का क्या औचित्य? उन्होंने कहा कि ओमिक्रॉन वायरस अभी इतना अत्यधिक घातक साबित नहीं हुआ है इसलिए सरकार कोई भी कठोर कदम नहीं उठाए।