शादी के दस साल हो गए और एक आप हैं जो आज तक कहीं घुमाने तक नहीं ले गए

पप्पू ट्रेन से अपने ‘गांव जा रहा था

टी टी: टिकट दिखाओ…

पप्पू: ग़रीब है साहब!!!
चटनी बासी रोटी खाते है!

टी टी: टिकट दिखाओ ?
पप्पू: ग़रीब आदमी हैं साहब
साग दाल रोटी खाते हैं!

टी टी गुस्से में- तो हम क्या गोबर खाते हैं!?
पप्पू: बड़े आदमी हो साहब खाते होगे…..!!


*पत्नी बोली* ….
ओ जी थे हर बात मं म्हारा पीहर वाला न बीच मं क्यूँ ल्याओ हो।

जो केवणो है म्हन सीधो- सीधो के दिया करो

*पति बोल्यो* :
देख बावळी, अगर आपणो मोबाइल खराब हु ज्याव तो आपां मोबाइल न थोड़ी बोलां ,

गाल्यां तो कंपनी वाला न ही काढस्यां नी

गेल सफी कठई की………


पत्नी : शादी के दस साल हो गए और एक आप हैं जो आज तक कहीं घुमाने तक नहीं ले गए .

पति : ठीक है आज घूमने चलेंगे

शाम को पति, पत्नी को लेकर श्मशान घाट ले गया ।

पत्नी गुस्से से बोली : छिः श्मशान भी कोई घूमने की जगह होती है

पति : अरे पगली लोग ”मरते हैं” यहाँ आने के लिये