सर्व रोग निदान शिविर और स्वच्छ जागृति रैली का आयोजन सीएसआर के तहत किया गया

Sarva Disease Diagnostics Camp and Swachhta Jagruti Rally organized under CSR
Sarva Disease Diagnostics Camp and Swachhta Jagruti Rally organized under CSR

गुजरात। प्रतिभा सिन्टेक्स की पहल ‘मेरे सपनों का भारत’ के तहत सरस्वती शिशु मंदिर के प्रांगण आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर आधारित सर्व रोग निदान शिविर एवं जलवायु परिवर्तन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। पीथमपुर में स्वच्छता जागृति रैली का भी आयोजन किया गया। ये कार्यक्रम विचार फाउंडेशन के सहयोग से क्रियान्वित किये गए।

आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ कंपनी के चेयरमैन श्री एस. के. चौधरी व श्रीमती सुषमा चौधरी जी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस शिविर में सागौर के ग्राम वासियों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया। इस दौरान गुजरात के नाडियाद स्थित आयुर्वेदिक हॉस्पिटल से आए 10 डॉक्टरों की टीम द्वारा दी गई चिकित्सकीय सलाह के बाद निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियां उपलब्ध कराई गई। शिविर के माध्यम से लगभग 250 से अधिक ग्रामीण लाभान्वित हुए।

इसके अतिरिक्त एक अन्य सीएसआर गतिविधि के अंतर्गत स्कूली बच्चों के लिए नैतिक मूल्यों पर आधारित कार्यशाला का आयोजन सागौर,बरदरी, पेमलपुर और अकोलिया के विद्यालयों में किया गया। साथ ही भारत सरकार के स्वच्छता अभियान के तहत स्वच्छता जागृति रैली का आयोजन भी किया गया। जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर के पदाधिकारी, छात्र कंपनी के कर्मचारी तथा सागौर के ग्राम जनों समेत 300 से अधिक लोगों हिस्सा लिया।

इसके अलावा जलवायु परिवर्तन पर कार्यशाला एवं यज्ञ का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे करीब 100 लोगो ने सहभागिता दर्ज कराई। इस दौरान ग्राम जनों से निवेदन किया गया कि प्रतिभा सिन्टेक्स की सीएसआर गतिविधियों के अंतर्गत विचार फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रकल्पों का लाभ आवश्य लें, तथा जन जन तक इसे पहुँचाने में सहभागी की भूमिका निभाएं।

कार्यक्रम के दौरान श्री चौधरी जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि, “आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पूरे विश्व में सबसे प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है। आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन करने से किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट नहीं होते हैं। अतः आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का प्रचार प्रसार अधिक से अधिक किया जाना चाहिए।” इस मौके पर विचार फाउंडेशन के सीईओ श्री धर्मेश आर्य ने बताया कि, “प्रतिभा सिन्टेक्स की मेरे सपनों का भारत की परिकल्पना स्थापित करने में सरस्वती शिशु मंदिर के पदाधिकारियों तथा स्थानीय ग्राम जनों की इच्छाशक्ति अत्यंत सराहनीय एवम् अनुसरणीय रही।