यौन उत्पीड़न से दुखी छात्रा ने की सुसाइड, प्रिंसीपल और शिक्षक अरेस्ट

कोयम्बटूर। तमिलनाडु में एक निजी स्कूल के शिक्षक के यौन उत्पीड़न से दुखी 12वीं कक्षा की एक छात्रा के फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की घटना में पुलिस ने लापरवाही बरतने वाली प्रिंसीपल को गिरफ्तार कर लिया है।

चिन्मय विद्यालय की प्रधानाध्यापक मीरा जैक्सन को पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने पर विशेष पुलिस टीम ने बेंगलूरु से गिरफ्तार किया है।

तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी ने छात्रा के माता-पिता से मुलाकात कर इस घटना के प्रति शाेक व्यक्त किया है।

उन्होंने बताया कि इस छात्रा ने शिक्षक की गतिविधियों को लेकर प्रिंसीपल से शिकायत की थी लेकिन उन्होंने इस मामले मेें भारी लापरवाही बरती और शिक्षक के खिलाफ काेई कार्रवाई नहीं की जिससे क्षुब्ध होकर छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

इस छात्रा की उम्र 17 वर्ष थी और शिक्षक के खिलाफ पोक्सो के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रिंसीपल के खिलाफ पोक्सो एवं भारतीय दंड संहिता के कई प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रिंसीपल को बेंगलुरु से शहर के आरएस पुरम थाना लाकर पूछताछ की जा रही है।

पोय्यामोझी ने कहा कि छात्रा के साथ दुराचार करने वाले शिक्षक मिथुन चक्रवर्ती को छात्रा के माता पिता की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है। छात्रा निगम गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती थी जिसका शिक्षक द्वारा यौन उत्पीड़न किया गया।

छात्रा की आत्महत्या के बाद से कई विद्यालयों के विद्यार्थियों, अभिभावकों, परिवार के सदस्यों एवं कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। छात्रा की आत्महत्या पर मुख्यमंत्री एम स्टालिन, द्रमुक लोकसभा सांसद कनिमोझी, पीएमके संस्थापक डॉ. एस रामदास और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने छात्रा के संवेदना प्रकट की और दुख जताया।