विवादित बयानबाजी में फंसे सपा सांसद शफीकुर्रहमान, देशद्रोह का मुकदमा

संभल। अफगानिस्तान में तालिबानी शासन को जायज ठहराने वाले समाजवादी पार्टी सांसद डा शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्रा ने बुधवार को बताया कि शहर कोतवाली में बीती देर रात सांसद डा शफीकुर्रहमान बर्क और दो अन्य फैजान चौधरी एवं मोहम्मद मुकीम के खिलाफ आईपीसी की धारा 124ए,153ए और 295 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इनके द्वारा तालिबाल के संबंध में भड़काऊ बयान दिए गए। एक व्यक्ति राजेश सिंहल ने इस सिलसिले में तहरीर दी है जिसमें कहा गया है कि डा बर्क ने तालिबान की तुलना भारत के स्वतंत्रता संग्राम से की है और अफगानिस्तान में उसकी जीत पर खुशी मनाई गई।

उन्होंने कहा कि तालिबान भारत सरकार द्वारा घोषित एक आतंकवादी संगठन है। इस तरह के बयान देशद्रोह की श्रेणी में आते है। इसलिए तहरीर के आधार तीनों व्यक्तियों के खिलाफ धारा 124ए,153ए,295ए के तहत अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है।

इसके अलावा फेसबुक में जिन लोगों ने इस तरह के बयान दिए, उनके खिलाफ भी इसी एफआईआर में मामला दर्ज किया गया है। समस्य साक्ष्य संकलन में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया पर अथवा निजी रूप से इस तरह की बयानबाजी करने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि डा बर्क ने एक प्रेस ब्रीफिंग में अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे को जायज ठहराते हुए इसकी तुलना भारत के स्वाधीनता संग्राम से की थी। सपा सांसद ने कहा था कि तालिबान ने अफगानिस्तान में अमरीका और रूस के पैर नहीं जमने दिए।

तालिबान की अगुवाई में अफगानी अमरीका से आजादी चाहते हैं। भारत में भी अंग्रेजों से आजादी के लिए पूरे देश ने मिलकर लड़ाई लड़ी थी। अफगानिस्तान की आजादी को वहां का निजी मामला करार देते हुए बर्क ने कहा था कि भारत में इस तरह की घटनाएं संभव नहीं है।