पीडीपी के वरिष्ठ नेता नईम अख्तर को किया गया रिहा

श्रीनगर। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नईम अख्तर को रिहा कर दिया गया है। अख्तर ने गुरुवार को ट्वीट करके स्वयं यह जानकारी दी।

अख्तर ने ट्वीट किया कि 407 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद मुझे यह सूचना दी गयी कि मैं रिहा कर दिया गया हूं और अब आजादी के साथ कहीं भी आ-जा सकता हूं। यह छोटी-सी दया करने के लिए सत्ता में बैठे शासकों को धन्यवाद।

अख्तर की रिहाई ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन की अनुमति के बाद पीडीपी ने एक दिन पहले बुधवार को ही एक वर्ष बाद पार्टी की पहली बैठक आयोजित की थी। इससे पहले पीडीपी को तीन सितंबर को बैठक आयोजित करने की अनुमति नहीं दी गई थी।

दरअसल, केन्द्र सरकार में गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने 15 सितंबर को संसद में एक बयान में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में किसी भी व्यक्ति को उसके घर में हिरासत में नहीं रखा गया है।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को हालांकि कोई राहत नहीं दी गई है। मुफ्ती को जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत उनके घर में हिरासत में रखा गया है। उनके घर को ही जेल में परिवर्तित कर दिया गया है।

गौरतलब है कि ठीक एक वर्ष पहले पांच अगस्त 2019 काे केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 और अनुच्छेद-35ए को निरस्त कर इसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने की घोषणा की थी।

उस दिन से ही घाटी के प्रमुख नेताओं नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ फारूक अब्दुल्ला, उनके बेटे उमर अब्दुल्ला और मुफ्ती को घर में हिरासत में रखा गया है। इस वर्ष मार्च में फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया गया था।

पीडीपी ने की जम्मू -कश्मीर में गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के मीर मोहम्मद फैयाज ने जम्मू -कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किए जाने के बाद गिरफ्तार किए गए राजनीतिक दलों के नेताओं को तुरंत रिहा करने की गुरुवार को मांग की ।

फैयाज ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि पिछले साल पांच अगस्त के बाद राज्य की मुख्यधारा की पार्टियों के बड़ी संख्या में नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया या उन्हें घरों में नजरबंद कर दिया गया।

इनमें से अब भी सैकड़ों नेताओं को रिहा किया जाना है।उन्होंने कहा ऐसे नेताओं में कई पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी शामिल हैं।वह तीन बार सांसद और दो बार विधायक रही हैं जिन्हें देश के लिए खतरा बताया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में फर्जी मुठभेड़ हो रही है। राजनीतिक दलों के नेता डरते हैं और उन्हें लगता है कि वे राज्य के खिलाफ बोलेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।