दोपहर बाद हुई बिकवाली से लुढ़का शेयर बाजार, सेंसेक्स 433 अंक टूटा

Sensex breaks 433 points in stock market
Sensex breaks 433 points in stock market

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में आज दोपहर बाद अचानक बिकवाली शुरू होने से बीएसई का सेंसेक्स दिन भर की बढ़त गँवाता हुआ 433.15 अंक यानी 1.13 प्रतिशत लुढ़ककर 37,877.34 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 122.05 अंक यानी 1.08 प्रतिशत टूटकर 11,178.40 अंक पर आ गया।

दोनों प्रमुख सूचकांकों का यह 05 अगस्त के बाद का निचला स्तर है। सप्ताह के पहले दो दिन बढ़त बनाने के बाद आखिरी तीन दिन बाजार में गिरावट रही। मझौली और छोटी कंपनियों पर भी दबाव रहा। बीएसई का मिडकैप 1.02 प्रतिशत लुढ़ककर 14,433.58 अंक पर और स्मॉलकैप 0.61 फीसदी फिसलकर 13,855.18 अंक पर बंद हुआ।

सुबह बाजार हरे निशान में खुला और दोपहर बाद तक मजबूत बना रहा। लेकिन यूरोपीय शेयर बाजारों के भारी गिरावट में खुलने से आखिरी दो घंटे में घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई। बैंकिंग एवं वित्त क्षेत्र की कंपनियों के साथ ही आईटीसी और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी सेंसेक्स पर दबाव बनाया।

पूँजीगत वस्तुओं, इंडस्ट्रियल्स, टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, धातु और रियलिटी समूहों में तेजी रही। ऑटो, बैंकिंग और वित्त समूहों पर सबसे अधिक दबाव रहा। एफएमसीजी, तेल एवं गैस और दूरसंचार समूहों के सूचकांक भी बड़ी गिरावट में रहे।

सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक का शेयर करीब तीन फीसदी टूट गया। भारतीय स्टेट बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस के शेयर ढाई फीसदी से लुढ़के। आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक में दो से ढाई प्रतिशत तक गिरावट रही। वहीं, सनफार्मा का शेयर दो प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा।

एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख रहा। चीन का शंघाई कंपोजिट 1.19 प्रतिशत और जापान का निक्की 0.17 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.23 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 0.19 फीसदी लुढ़क गया। यूरोप में लगभग सभी प्रमुख शेयर बाजार लाल निशान में रहे। शुरुआती कारोबार में ब्रिटेन का एफटीएसई 2.22 फीसदी और जर्मनी का डैक्स 1.32 प्रतिशत लुढ़क गया।

सुबह के समय बाजार में लिवाली का जोर रहा। सेंसेक्स 122.45 अंक की मजबूती के साथ 38,432.94 अंक पर खुला और करीब 230 अंक से अधिक चढ़ता हुआ 38,540.57 अंक पर पहुँच गया। लेकिन दोपहर बाद शुरू हुई बिकवाली से यह लाल निशान में चला गया और साढ़े छह सौ अंक से अधिक की गिरावट में 37,654.92 अंक तक उतर गया। अंत में गत दिवस की तुलना में 1.13 प्रतिशत नीचे 37,877.34 अंक पर बंद हुआ।

बीएसई में कुल 2,863 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,627 में बिकवाली और 1,091 में लिवाली का जोर रहा जबकि शेष 145 कंपनियों के शेयर दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद अंतत: अपरिवर्तित बंद हुये।

निफ्टी 52.85 अंक की बढ़त में 11,353.30 अंक पर खुला। यह ऊपर 11,366.25 अंक तक और नीचे 11,111.45 अंक तक गया। अंत में गत दिवस की तुलना में 1.08 फीसदी की गिरावट के साथ 11,178.40 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 50 कंपनियों में से 12 के शेयरों में लिवाली और अन्य 37 में बिकवाली का जोर रहा जबकि विप्रो का शेयर अंत में गत दिवस के स्तर पर ही बंद हुआ।

बीएसई के समूहों में ऑटो का सूचकांक सबसे अधिक 2.50 प्रतिशत लुढ़क गया। बैंकिंग समूह में 2.18 प्रतिशत, वित्त में 1.88, सीडीजीएंडएस में 1.41, तेल एवं गैस में 1.39, एफएमसीजी में 1.38 और दूरसंचार में 1.04 प्रतिशत की गिरावट रही। इनके अलावा रियलिटी, इंडस्ट्रियल्स, ऊर्जा, यूटिलिटीज, पूँजीगत वस्तु, बुनियादी वस्तुओं, आईटी, टेक और बिजली समूहों के सूचकांक लाल निशान में रहे। धातु, स्वास्थ्य और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद समूहों के सूचकांकों में तेजी रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक में सर्वाधिक 2.81 प्रतिशत की गिरावट रही। भारतीय स्टेट बैंक का शेयर 2.68 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा का 2.60, बजाज फाइनेंस का 2.57, आईटीसी का 2.48, एचडीएफसी का 2.31, एचसीएल टेक्नोलॉजीज का 2.27, इंडसइंड बैंक का 2.18, मारुति सुजुकी का 2.12, कोटक महिंद्रा बैंक का 2.11, पावरग्रिड का 1.87, ओएनजीसी का 1.84, आईसीआईसीआई बैंक का 1.75 और बजाज फिनसर्व का शेयर 1.60 प्रतिशत लुढ़का गया।

भारती एयरटेल में 1.26 प्रतिशत, बजाज ऑटो में 1.14, हिंदुस्तान यूनिलिवर में 1.12, अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.92, एलएंडटी में 0.85, नेस्ले इंडिया में 0.74, एचडीएफसी में 0.73, टीसीएस में 0.58, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 0.39, टेक महिंद्रा में 0.19 और एशियन पेंट्स में 0.03 प्रतिशत की गिरावट रही।

मुनाफा कमाने वालों में सनफार्मा का शेयर सबसे अधिक 2.04 प्रतिशत, एनटीपीसी का 1.38, टाटा स्टील का 1.26, टाइटन का 0.43 और इंफोसिस का 0.24 प्रतिशत चढ़ा।