वैश्विक संकेतों से 1,600 अंक चढ़ा सेंसेक्स

मुंबई। विदेशों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजारों में भी निवेश धारणा मजबूत रही और बीएसई का सेंसेक्स 1,627.73 अंक यानी 5.75 प्रतिशत चढ़कर 29,915.96 अंक पर तथा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 482 अंक यानी 5.83 प्रतिशत की बढ़त में 8,745.45 अंक पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में तीन प्रतिशत से अधिक के उछाल से घरेलू शेयर बाजार में ऊर्जा और तेल एवं गैस समूहों में सबसे ज्यादा तेजी देखी गयी। बीएसई में ऊर्जा समूह का सूचकांक 10 फीसदी और तेल एवं गैस का नौ फीसदी चढ़ गया। सेंसेक्स की कंपनियों में ओएनजीसी के शेयर 18 फीसदी से अधिक चढ़े। अल्ट्राटेक सीमेंट, हिंदुस्तान यूनिलिवर और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी 11 से 13 प्रतिशत तक की तेजी रही।

मझौली और छोटी कंपनियों में भी लिवाली का जोर रहा। बीएसई का मिडकैप 4.18 प्रतिशत चढ़कर 11,141.38 अंक पर और स्मॉलकैप 4.03 फीसदी की तेजी में 10,113.36 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स 172.59 अंक चढ़कर सुबह 28,460.82 अंक पर खुला। पहले घंटे के कारोबार में ही कुछ देर के लिए यह लाल निशान में उतरता हुआ 27,932.67 अंक तक फिसल गया, लेकिन इसके बाद शुरू हुई लिवाली के बल पर वापस हरे निशान में आ गया। अंत में यह 5.75 प्रतिशत की तेजी में 29,915.96 अंक पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान एक समय यह 30,418.20 अंक तक चढ़ने में भी कामयाब हुआ था। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक की 1.39 प्रतिशत और इंडसइंड बैंक की 0.88 प्रतिशत की गिरावट को छोड़कर अन्य 28 कंपनियाँ हरे निशान में रहीं।

सेंसेक्स में कुल 2,605 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,426 के शेयर बढ़त में और 1,031 के गिरावट में रहे जबकि 148 कंपनियों के शेयर दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद अंतत: अपरिवर्तित बंद हुये।

निफ्टी 21 अंक की मजबूती के साथ 8,284.45 अंक पर खुला। इसका दिवस का निचला स्तर 8,178.20 अंक और ऊंचा स्तर 8,883 अंक रहा। अंत में यह 5.83 प्रतिशत की तेजी के साथ 8,745.45 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी की 50 में से 46 कंपनियाँ हरे निशान में और शेष चार लाल निशान में रहीं।

विदेशों में अधिकतर प्रमुख शेयर बाजार हरे निशान में रहे। एशिया में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 7.44 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 5.05 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.61 प्रतिशत की बढ़त में बंद हुआ। हालाँकि जापान का निक्की 1.04 प्रतिशत लुढ़क गया। यूरोप में बीच कारोबार के दौरान जर्मनी का डैक्स 5.79 फीसदी और ब्रिटेन का एफटीएसई 3.22 फीसदी मजबूत हो चुका था।

बीएसई के समूहों में ऊर्जा में सर्वाधिक 9.96 फीसदी की तेजी देखी गयी। तेल एवं गैस में 9.05 प्रतिशत, आईटी में 8.36, एफएमसीजी में 8.11, टेक में 7.98, धातु में 7.96, यूटिलिटीज में 6.46, बुनियादी वस्तुओं में 6.34, दूरसंचार में 5.47, स्वास्थ्य में 5.22, बिजली में 4.94, सीडीजीएंडएस में 4.47, ऑटो में 3.90, रियलिटी में 3.02, वित्त में 2.90, पूँजीगत वस्तुओं में 2.38, इंडस्ट्रियल्स में 2.37, बैंकिंग में 1.49 और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद में 1.33 प्रतिशत की बढ़त रही।

सेंसेक्स की कंपनियों में ओएनजीसी के शेयर सर्वाधिक 18.58 प्रतिशत चढ़े। अल्ट्राटेक सीमेंट में 13.01 प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलिवर में 11.75, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 11.24, टीसीएस में 9.90, टाटा स्टील में 9.60, एशियन पेंट्स में 8.91, टेक महिंद्रा में 8.67, आईटीसी में 8.40, एचडीएफसी में 8.19, नेस्ले इंडिया में 7.94, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 7.91, बजाज फाइनेंस में 7.79 और इंफोसिस में 7.25 प्रतिशत की तेजी रही।

पावर ग्रिड 6.92 प्रतिशत, हीरो मोटोकॉर्प 6.51, मारुति सुजुकी 5.20, कोटक महिंद्रा बैंक 4.60, एनटीपीसी 4.15, बजाज ऑटो 3.90, भारती एयरटेल 3.82, भारतीय स्टेट बैंक 2.85, महिंद्रा एंड महिंद्रा 2.62, एलएंडटी 2.55, आईसीआईसीआई बैंक 1.93, सनफार्मा 1.55, टाइटन 0.75 और एक्सिस बैंक 0.14 प्रतिशत की बढ़त में रहा। एचडीएफसी बैंक का शेयर 1.39 प्रतिशत और इंडसइंड बैंक का 0.88 प्रतिशत टूटा।