छठे दिन लुढ़का सेंसेक्स, तीन महीने के निचले स्तर पर

Sensex slips to 3-month low as heavyweight bankers collapse
Sensex slips to 3-month low as heavyweight bankers collapse

मुंबई। बैंक घोटालों और अमेरिका की रक्षात्मक व्यापार नीति का असर घरेलू शेयर बाजार पर आज लगातार छठे दिन देखा गया और बीएसई का सेंसेक्स 284.11 अंक लुढ़ककर तीन महीने के निचले स्तर 33,033.09 अंक पर बंद हुआ।

बैंकिंग के साथ दूरसंचार, पावर, पूँजीगत वस्तुओं और ऊर्जा समूह पर भी दबाव रहा। अदानी पोर्ट्स के शेयर सबसे ज्यादा साढ़े छह प्रतिशत टूटे। भारतीय स्टेट बैंक में करीब चार प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक में लगभग तीन प्रतिशत की गिरावट रही। एयरटेल के शेयर भी ढाई फीसदी टूटे।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 95.05 अंक लुढ़ककर तीन महीने से ज्यादा के निचले स्तर 10,154.20 अंक पर आ गया।

अमरीका के रक्षात्मक व्यापार नीति अपनाने की आशंका में बाजार पर दबाव है। साथ ही बैंकिंग घोटालों की आँच आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक तक पहुंचने से भी निवेशकों का विश्वास डगमगाया हुआ है।

विदेशी बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच सेंसेक्स 37.81 अंक फिसलकर 33,279.39 अंक पर खुला और कभी हरे निशान में नहीं लौट पाया। इसका दिवस का उच्चतम स्तर 33,331.21 अंक रहा।

कारोबार की समाप्ति से पहले 32,991.14 अंक के दिवस के निचले स्तर तक लुढ़कने के बाद अंतत: यह गत दिवस के मुकाबले 0.85 प्रतिशत यानी 284.11 अंक नीचे 33,033.09 अंक पर बंद हुआ। यह 07 दिसंबर के बाद का इसका निचला बंद स्तर है।

मझौली और छोटी कंपनियों पर दबाव ज्यादा रहा। बीएसई का मिडकैप 1.32 प्रतिशत लुढ़ककर 15,954.41 अंक पर और स्मॉलकैप 2.16 प्रतिशत का गोता लगाकर 17,270.49 अंक पर आ गया। बीएसई में कुल 2,665 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,240 के शेयर गिरावट में और 502 के बढ़त में बंद हुये जबकि 123 कंपनियों के शेयर पूरे दिन के उतार-चढ़ाव के बाद अंतत: अपरिवर्तित बंद हुए।

निफ्टी 16.30 अंक लुढ़ककर 10,232.95 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान इसका दिवस का उच्चतम स्तर 10,243.35 अंक और निचला स्तर 10,141.55 अंक रहा। कारोबार की समाप्ति पर यह गत दिवस के मुकाबले 0.93 प्रतिशत यानी 95.05 अंक टूटकर 10,154.20 अंक पर बंद हुआ जो 06 दिसंबर के बाद का इसका निचला स्तर है।

एशिया में दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.40 प्रतिशत, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.55 प्रतिशत, जापान का निक्की 0.77 प्रतिशत और हांगकांग का हैंगसेंग 1.03 प्रतिशत की गिरावट में रहा। यूरोप में शुरुआती कारोबार में जर्मनी का डैक्स 0.13 प्रतिशत फिसल गया जबकि ब्रिटेन के एफटीएसई में 0.11 प्रतिशत की तेजी रही।

बीएसई में टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद की 0.37 प्रतिशत और एफएमसीजी की 0.09 प्रतिशत की तेजी को छोड़कर अन्य सभी समूहों के सूचकांक लाल निशान में रहे। दूरसंचार में सबसे ज्यादा 2.28 प्रतिशत की गिरावट रही। पूँजीगत वस्तुओं में 1.94 प्रतिशत, पावर में 1.86, इंडस्ट्रियल्स में 1.79, एनर्जी में 1.69, पीएसयू में 1.67, स्वास्थ्य में 1.63, बेसिक मटिरियल्स में 1.55, बैंकिंग में 1.38, वित्त में 1.37, यूटिलिटीज में 1.36, तेल एवं गैस में 1.29, धातु में 1.17 और रियलिटी में 1.11 प्रतिशत की गिरावट रही।

सेंसेक्स की 30 में से 22 कंपनियों के शेयर टूटकर और सात के बढ़त में बंद हुये जबकि कोल इंडिया के शेयरों के भाव अपरिवर्तित रहे। सबसे ज्यादा 6.53 प्रतिशत की गिरावट अदानी पोर्ट्स में रही। भारतीय स्टेट बैंक के शेयर 3.84 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक के 2.85, भारती एयरटेल के 2.53, ओएनजीसी के 2.32, रिलायंस इंडस्ट्रीज के 2.12, टाटा स्टील के 1.89, एलएंडटी के 1.64, महिंद्रा एंड महिंद्रा के 1.46, सनफार्मा के 1.24 और डॉ. रेड्डीज लैब के 1.22 प्रतिशत लुढ़के।

एचडीएफसी बैंक में 0.94 प्रतिशत, एक्सिस बैंक में 0.77, टीसीएस में 0.67, इंफोसिस में 0.35, विप्रो में 0.33, इंडसइंड बैंक में 0.23, हीरो मोटोकॉर्प में 0.22, पावरग्रिड में 0.21, हिंदुस्तान यूनिलिवर में 0.06, यस बैंक में 0.03 और एचडीएफसी में 0.01 प्रतिशत की गिरावट रही।

आईटीसी के शेयर सेंसेक्स में सबसे ज्यादा 1.05 प्रतिशत, मारुति सुजुकी के 0.70, एशियन पेंट्स के 0.47, टाटा मोटर्स के 0.40, बजाज ऑटो के 0.36, कोटक महिंद्रा बैंक के 0.30 और एनटीपीसी के 0.06 प्रतिशत चढ़े।