सेंसक्स में 587 अंकों की भारी गिरावट

Sensex down5 87 points in early trade
Sensex down 587 points in early trade

मुंबई | वैश्विक स्तर से मिले कमजोर संकेतों, नकारात्मक निवेशधारणा और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण घरेलू शेयर बाजार गुरूवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट लेकर बंद हुआ।

बीएसई का सेंसेक्स 587.44 अंक गिरकर 36472.93 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 182.30 अंक फिसलकर 10736.40 अंक पर रहा। बिकवाली का दबाव छोटी और मझौली कंपनियों भी बना रहा जिससे बीएसई का मिडकैप 1.39 प्रतिशत उतरकर 13080.60 अंक पर और स्मॉलकैप 2.19 प्रतिशत गिरकर 12117.18 अंक पर रहा।

बीएसई में आईटी और टेक को छोड़कर सभी समूह गिरावट में रहे। आईटी 0.30 प्रतिशत की बढ़त बनाने में सफल रहा जबकि टेक में कोई बदलाव नहीं हुआ। रियलटी समूह में सबसे अधिक 6.01 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी। इसके बाद धातु में 3.49 प्रतिशत, वित्त में 2.69 प्रतिशत, तेल एवं गैस 2.63 प्रतिशत, ऑटो 2.52 प्रतिशत, एनर्जी 2.30 प्रतिशत, बेसिक मटेरियल्स 2.30 प्रतिशत और इंडस्ट्रीयल 1.68 प्रतिशत शामिल है।

बीएसई में कुल 2597 कंपनियों में कारोबार हुआ जिसमें से 1945 गिरावट में और 527 बढ़त में रहे जबकि 125 में कोई बदलाव नहीं हुआ।

वैश्विक स्तर से मिले नकारात्मक संकेतों के बीच सेंसेक्स 27 अंकों की बढ़त लेकर 37087.58 अंक पर खुला और यही इसका आज का उच्चतम स्तर भी रहा। शुरूआत से ही इस पर बिकवाली हावी रही और अंतिम सत्र में यह 36391.35 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह पिछले दिवस के 37060.37 अंक की तुलना में 587.44 अंक अर्थात 1.59 प्रतिशत उतरकर 36472.93 अंक पर रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 13 अंकों की गिरावट लेकर 10905.30 अंक पर खुला। शुरूआती चरण में यह 10908.25 के दिवस के उच्चततम स्तर तक गया लेकिन बिकवाली के दबाव में यह 10718.30 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया। अंत में यह पिछले दिवस के 10918.70 अंक की तुलना में 1.67 प्रतिशत अर्थात 182.30 अंक गिरकर 10736.40 अंक पर रहा।

वैश्विक स्तर से मिलाजुला रूख देखा गया जिसमें अमेरिकी बाजार हरे निशान में खुले जबकि यूरोप और एशिया के बाजार मिश्रित रहे। ब्रिटेन का एफटीएसई 0.48 प्रतिशत, जर्मनी का डैक्स 0.05 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.84 प्रतिशत, दक्षिण काेरिया का कोस्पी 0.69 प्रतिशत की गिरावट में रहे जबकि जापान का निक्की 0.59 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.11 प्रतिशत की बढ़त में रहा।