भाजपा की तरह सेवाभारती ने भी मांगी बेशकीमती जमीन, कांग्रेस का विरोध

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। भारतीय जनता पार्टी की ही तरह सेवा भारती को भी सिरोही शहर की बेशकीमती जमीन अपने कार्य निष्पादन के लिए चाहिए। नौ महीने बाद सिरोही नगर परिषद सभागार में हुई साधारण बैठक में जब सेवा भारती को बेशकीमती जमीन देने का प्रस्ताव आया तो कांग्रेस पार्षदों ने बेशकीमती जमीन बिना निलामी के सेवा भारती को दिए जाने का जबरदस्त विरोध किया।

25 पार्षदों की सभा में सभापति समेत भाजपा के 14 पार्षदों ने जमीन आवंटन का समर्थन किया तो कांग्रेस के आठ पार्षदों नीलामी करने पर सहमति जताई,लेकिन औने-पौने दामों पर सेवा भारती को जमीन आवंटन का विरोध जताया। भाजपा पार्षदो के अनुसार सेवा भारती राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का एक प्रकल्प है जो कच्ची बस्तियों में कार्य करता है।
साधारण बैठक में जब एजेंडे के सबसे पहले प्रस्ताव के तहत सेवा भारती को रामझरोखा के सामने लालबेरा से नेहरू उद्यान के बीच स्थित जमीन आवंटित करने का प्रस्ताव सामने आया तो नेता प्रतिपक्ष ईश्वरसिंह डाबी व अन्य कंाग्रेसी नेताओं ने इसका विरोध जताया। जबकि भाजपा पार्षदों ने इसका समर्थन किया। निर्दलीय पार्षद मौन रहे।

इसके देखते हुए सभापति ने इस प्रस्ताव को पास मानने को कहा तो नेता प्रतिपक्ष भडक उठे। उन्होंने कहा कि आप वोटिंग लो। जो समर्थन कर रहे हैं उनका तथा जो विरोध कर रहे हैं उनका भी नाम लिखो। इस पर बैठक सचिव ने इस प्रस्ताव के समर्थन में हां करने वाले सभी 14 भाजपा पार्षदों के तथा इस प्रस्ताव का विरोध करने वाले सभी आठ कांग्रेस पार्षदों के नाम प्रस्ताव में लिखे। प्रस्ताव पास मान लिया गया। अब यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। वहां से इसका आवंटन होगा।
इस प्रस्ताव में समर्थकों और विरोध कर्ताओं के नाम लिखवाने के पीछे कांग्रेस पार्षदों की मंशा यह नजर आई कि बाद में यदि सरकार यह भूमि सेवा भारती को डीएलसी दर या उससे भी कम में ही आवंटित कर देती है तो इस प्रकरण को भी न्यायालय में ले जाकर भाजपा कार्यालय की तरह इसकी प्रक्रिया का विरोध किया जा सके। डाबी ने भाजपा कार्यालय का हश्र देखने की बात कहकर यह मंशा बोर्ड के सामने जता भी दी।

बोर्ड बनने के बाद प्रथम बैठक के अलावा इस बैठक में सभी पार्षदों की पूर्ण उपस्थिति यह जता रही थी कि सभी ने नेताओं ने अपने सिपहसालारों को विशेष रूप से इस प्रस्ताव के समर्थन और विरोध के लिए बैठक में विशेष उपस्थिति के निर्देश भी दिए थे। कांग्रेस ने जहां डीएलसी दर या उससे कम दर में यह भूमि सेवा भारती को दिए जाने का विरोध करके जनता की संपत्ति का सही इस्तेमाल का उदाहरण पेश करना चाहा तो भाजपा पार्षदों ने इस भूमि को नीलाम करने की बात नहीं करके एक तरह से बेशकीमती जमीन को डीएलसी दर से देने पर सहमति ही जताते हुए जनता को चूना लगाने की तस्वीर पेश की।

उल्लेखनीय है कि भाजपा ने भी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए शहर के मध्य स्थित करोडों की भूमि को औने-पौने दामों पर आवंटित करवा ली थी। कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा द्वारा इसे न्यायालय में चुनौति दिए जाने से अब यह कार्य और पार्टी का एक करोड़ रुपया अटक गया है।
-अन्य चर्चाओं पर रही शांति
पूरी उपस्थिति के बाद भी बैठक में अन्य मुद्दों पर बुधवार को शांति ही दिखी। सरजावा दरवाजे पर विवेकानन्द की मूर्ति स्थापित करने के प्रस्ताव को कानूनी और तकनीकी राय लेने के लिए राज्य सरकार को भेजने पर सहमति जताई। बाबा रामदेव सेवा समिति को भूमि आवंटन पर सबकी एक राय रही। नगर परिषद के चूंगी नाको को नीलाम करने या हटाने के प्रस्ताव पर असहति रही। इसी तरह पुरानी थडी व केबिनों नियमन के संबंध में राज्य सरकार से मार्गदर्शन का प्रस्ताव लिया।
-इन पर बनी आम सहमति
शहर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत उठाए जा रहे कचरे को डम्प करने के लिए शहर के पास ही एक डंपिंग यार्ड बनाने, पैलेस रोड को विकसित करने, बगीचों के विकास, नगर परिषद की स्वामित्व की नजूल सम्पत्तियों के विक्रय, विभिन्न समाजों को भूमि आवंटन मृतक आश्रितों को अनुकम्पात्मक नियुक्ति दिए जाने पर आम सहमति रही।
-सफाई पर घिरे सभापति
शहर में बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर सभापति को बैठक में कंाग्रेस और भाजपा पार्षदों से घिरना पडा। सभापति ने कहा कि सफाई का नया ठेका कर दिया गया है। इस पर भाजपा पार्षद शंकरसिंह परिहार ने सफाई कमेटी अध्यक्ष से नए ठेके की शर्तों की जानकारी मांगी।

उन्होंने ठेके वार्डवार मेन पावर मांगते हुए करने तथा हर वार्ड में काम करने वाले ठेकेदार के कार्मिकों के नामों की सूची का एक बोर्ड लगाने का भी प्रस्ताव रखा, जिसका सबने समर्थन किया। बैठक में नर्सरी के सामने बनाए गए अस्थायी डंपिंग की सभी ने निंदा की। महिला पार्षदों में कांग्रेस पार्षद पिंकी रावल को छोडकर शेष सभी बैठक में मौन धारण किए हुए बैठी रहीं।
-इनका कहना है…
सेवा भारती को जमीन आवंटन का प्रस्ताव आया था। जमीन का स्थान भी आवेदन में लिखा हुआ आया था। हमने इसमें कुछ भी अपनी तरफ से नहीं जोड़ा है।
ताराराम माली
सभापति, नगर परिषद, सिरोही।

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