पत्थलगड़ी के विरोध में मारे गए सात लोगों के शव बरामद

चाईबासा। झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में सोनुवा थाना क्षेत्र के बुरुगुलीकेरा गांव में पत्थलगड़ी का विरोध करने पर मारे गए सात लोगों के शव पुलिस ने बरामद कर लिए हैं।

अपर पुलिस महानिदेशक (अभियान) मुरारीलाल मीणा ने आज यहां बताया कि गुलीकेरा गांव से तीन किलोमीटर दूर घने जंगल से सात लोगों के शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि काफी दुरूह क्षेत्र होने के बावजूद पुलिस सर्च अभियान चला रही है।

मीणा ने बताया कि ग्रामीणों की हत्या लाठी-डंडे और टांगी-फरसे से नृशंस तरीके से की गयी है। कई लोगों के शव तो पहचाने जाने लायक ही नहीं हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को घटना की सूचना मंगलवार को प्राप्त हुई जिसके बाद मौके पर पुलिस दल को रवाना किया गया था। इसके आधार पर पुलिस दल मंगलवार देर रात मौके पर पहुंचा। आज गांव से तीन किलोमीटर दूर जंगल से उप प्रमुख जेम्स बुढ़ समेत सात ग्रामीणों के जीर्णशीर्ण शव बरामद किए गए।

पत्थलगड़ी समर्थकों ने पिछले रविवार को गांव के उप मुखिया जेम्स बुढ़ समेत सात लोगों का अपहरण कर लिया था। इसके एक दिन बाद सोमवार को परिजनों ने थाने में सात लोगों के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मंगलवार तक पुलिस अपहृतों को नहीं ढूंढ पाई। इसके बाद चाईबासा के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने खुद इस इलाके में कैंप किया। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए थानों में बड़ी संख्या में पुलिस बल बुलाए गए।

गौरतलब है कि झारखंड की पूर्व रघुवर दास सरकार ने राज्य में पत्थलगड़ी समर्थकों के खिलाफ वर्ष 2018 में कड़ी कार्रवाई करते हुए इसके नेताओं की धर पकड़ कर उनके खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने और संविधान की अवहेलना करने के आरोप में देशद्रोह के भी मुकदमे दर्ज करवाए थे। लेकिन, वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सरकार के गठन के बाद मंत्रिमंडल की पहली बैठक में पत्थलगड़ी समर्थकों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का फैसला लिया था।