सेवा भारती ने दिल्ली में खड़ी की आइसोलेशन सेंटरों की श्रृंखला

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन सेवा भारती ने राजधानी में काेविड के उपचार में मदद के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से अशोक विहार, उदासीन आश्रम, नरेला, हरिनगर, द्वारका तथा लाजपत नगर में छह आइसोलेशन सेंटर शुरू किए हैं जहां मरीजों को ऑक्सीजन, दवाओं से लेकर नि:शुल्क उपचार दिया जा रहा है।

संघ के दिल्ली प्रांत के प्रचार प्रमुख रीतेश अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली में इन दिनों कोरोना संक्रमित मरीजों को अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन और बुनियादी इलाज मिलना मुश्किल हो गया है जिसे देखते हुए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से सेवा भारती ने लोगों की जिंदगी बचाने के लिए छह आइसोलेशन सेंटर अशोक विहार, उदासीन आश्रम, नरेला, द्वारका, हरिनगर एवं लाजपत नगर की अमर कॉलोनी में संचालन आरंभ किया है। इन सेंटरों के जरिए लगभग 450 बेड की व्यवस्था खड़ी कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि एक-दो दिन में 9 अतिरिक्त सेंटरों का संचालन शुरू हो जाएगा। इनके लिए लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली गई है, प्रशासनिक अनुमति मिलते ही यह भी संचालित हो जाएंगे। यदि प्रशासन का सहयोग रहा और ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध करा दी जाती है तो अगले कुछ दिनों में इसे एक हजार बेड तक विस्तारित करने की योजना है। सभी आइसोलेशन सेंटर में मेडिकल ऑक्सीजन मुहैया कराई जा रही है। अधिकांश सेंटर में सिलेंडर के जरिए चिकित्सा ऑक्सीजन की उपलब्धता को पूरा किया जा रहा है जबकि कई केंद्रों के लिए ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि लाजपत नगर के अमर कालोनी नगर स्थित सरस्वती बाल मन्दिर में शुक्रवार को कोरोना मरीजों के लिए आइसोलेशन सेंटर शुरू किया गया। इस सेंटर में 35 बेड की सुविधा प्रदान की गई है जिसे 50 बेड तक विस्तारित किया जाएगा। केंद्र में आने वाले पीड़ित मरीजों के चिकित्सकीय उपचार हेतु मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अतिरिक्त सचिव डॉ. पी प्रसन्ना राज एवं रोबोटिक्स सर्जन डॉ. कल्पना नागपाल अपनी नि:शुल्क अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

सेवा भारती द्वारा समाज के सहयोग से प्रारंभ इस केंद्र में जरूरतमंद व्यक्तियों को ऑक्सीजन देने के लिए 21 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर रखे गए हैं। यहां सभी लोगों को भोजन, नीबू पानी, काढ़ा, दवाएं तथा सभी चिकित्सकीय सुविधाएं प्रदान करने की व्यवस्था है। संघ के स्वयंसेवक सेवाभाव से मरीजों की सेवा में जुट गए हैं।

अशोक विहार के लक्ष्मी बाई कॉलेज में 100 बेड का कोविड केयर सेंटर संचालित किया जा रहा है। इस कोविड केयर सेंटर में कोविड वायरस से संक्रमित ऐसे मरीजों को रखा गया है जो बहुत अधिक गंभीर नहीं हैं। महाविद्यालय की कक्षाओं को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया गया है। सेंटर में ऑक्सीमीटर, दवाएं, ग्लूकोज, इंश्यूलिन चढ़ाने समेत अनेक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। जल्द ही इसे 200 बेड तक विस्तारित किया जाएगा।

ख़ास बात यह है कि ऑक्सीजन कंसट्रेटर्स की व्यवस्था भी कोविड केयर सेंटर में की गई है। यहां हर दिन ओपीडी संचालित की जाती है, जिसमें हर दिन लगभग 100 मरीज आते हैं। उल्लेखनीय हैं कि सेवा भारती द्वारा देशभर में डेढ़ लाख से अधिक सेवा प्रकल्प संचालित किए जा रहे हैं। सेंटर में कम गंभीर मरीज जिनकी उम्र 60 साल से कम है, उन्हें भर्ती किया जाता है। विगत दस दिनों से से संचालित इस केंद्र को संचालित करने में लक्ष्मीबाई कॉलेज प्रशासन, सेवा भारती, क्रिस्टल क्रॉप संस्थान का महत्वपूर्ण योगदान है।

नई दिल्ली प्रांत के स्वयंसेवकों द्वारा श्री गुरु राम राय उदासीन आश्रम में आइसोलेशन सेंटर का गठन किया गया है। 33 बेड के इस आइसोलेशन सेंटर में चिकित्सकीय परामर्श, दवाएं, ऑक्सीजन की सुविधा प्रदान की गई है। यहां 24 घंटे डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अलग-अलग शिफ्ट में स्वयंसेवकों की ड्यूटी लगाई जाती है। जल्द ही ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की सुविधा भी आइसोलेशन सेंटर को मिल जाएगी। मंगलवार को कोविड केयर सेंटर से 20 मरीजों की काउंसलिंग करके मेडिसिन के साथ घर भेजा। इसी तरह 5 मरीजों को मेडिकल ऑक्सीजन प्रदान की गई जिनमें 2 स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

हर बेड में बकायदा मरीज के लिए आवश्यक सभी वस्तुएं जैसे पानी की बॉटल, टॉवेल, सैनेटाइजर, स्टीमर, साबुन आदि उपलब्ध कराया गया है। हर बेड पर मरीज की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे, माइक लगाए गए हैं। मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था झंडेवाला मंदिर की ओर से की जा रही है। कोविड केयर सेंटर को संचालित करने के लिए डीएम आरके आश्रम एवं सेवा भारती द्वारा मेडिसिन किट का सहयोग प्रदान किया गया है। इसी तरह एमबीयू बाग द्वारा इमरजेंसी किट उपलब्ध कराई गई है।

नरेला में सेवा भारती द्वारा संचालित लाला दीपचंद मेमोरियल चेरिटेबल अस्पताल, गली नंबर 30 बी, स्वतंत्र नगर में 13 बिस्तरों वाला आइसोलेशन सेंटर संचालित है। यहां मरीजों के लिए बेड, भोजन, दवाएं, काढ़ा, नेबुलाइजर केअर समेत तमाम बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। डॉक्टर पी के बंसल आइसोलेशन सेंटर में नि:शुल्क मरीजों की सेवा कर रहे हैं। इस सेंटर को सफलातपूर्वक संचालित करने में सेवा भारती को तेजस भारत ट्रस्ट, श्री राम कुटी मंदिर नरेला का विशेष सहयोग मिल रहा है।

अग्रवाल के अनुसार इन सभी आइसोलेशन सेंटरों में डॉक्टर जहां नि:शुल्क अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। वहीं स्थानीय समाज व संस्थाओं के सहयोग से मरीजों के लिए भोजन, दवाएं तथा अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेंटरों से हर दिन बड़ी संख्या में लोग कोरोना को मात देकर अपने घर लौट रहे हैं। कई स्थानों में स्वस्थ होकर लौट रहे मरीज एवं उनके परिवारजन लौट कर सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।

उधर विश्व हिन्दू परिषद ने दिल्ली प्रान्त के सभी 30 जिलों में एक-एक कार्यकर्ता तय किए हैं, जो अपने-अपने जिले में जरूरतमंद लोगों से सम्पर्क कर उन्हें आवश्यक सहयोग मुहैया करा रहे हैं। इसके लिए प्रान्त स्तर पर कोविड सहायता केंद्रों को भी संचालित किया जा रहा है। सहायता केंद्र में दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से संगठन के कार्यकर्ताओं व स्थानीय समाज के लोगों द्वारा बताई गई आवश्यकता के अनुसार दवाएं, ऑक्सीजन, काढ़ा, राशन, भोजन उपलब्ध कराया जाता है। विहिप के कोविड सहायता केंद्र से अब तक लगभग 5 हज़ार लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

कोरोना संक्रमण की वजह से प्राण गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार में बरती जा रही गंभीर लापरवाही तथा लोगों का सम्मानजनक रूप से अंतिम संस्कार नहीं हो पाने की शिकायतों को देखते हुए विहिप कार्यकर्ता निगम बोध घाट में लोगों के सहयोग के लिए आगे आए हैं। इससे अंतिम संस्कार में जुटे कर्मचारियों के साथ परिजनों को भी काफी मदद मिल रही है।

विहिप लोगों को कोरोना की दूसरी लहर से बचाने के लिए ऑनलाइन योग क्लास, चिकित्सा परामर्श वेबिनार आयोजित कर रहा है। इसमें हर दिन सैकड़ों की संख्या में लोग घर बैठे आयुर्वेद, एलोपैथी, होम्योपैथी समेत अन्य विधियों से बीमारियों के निदान हेतु परामर्श प्राप्त कर रहे हैं।

इसके साथ ही विहिप से जुड़े बजरंग दल द्वारा प्लाज्मा डोनेशन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। बजरंग दल के कार्यकर्ता कोविड से ठीक हुए लोगों से प्लाज्मा डोनेशन का आह्वान कर रहे हैं। उनसे उनकी बची हुई दवाएं भी एकत्र की जाती है, जिसे अन्य जरूरतमंद को देने की व्यवस्था बनाई गई है।