यौन शोषण आरोपी विधायक महेश नेगी का पत्ता कटा, 10 फीसदी महिलाओं को मिला मौका

नैनीताल। भारतीय जनता पार्टी ने अपनी छवि के मुताबिक आखिरकार यौन शोषण के आरोपी द्वाराहाट के विधायक महेश नेगी को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनकी जगह युवा अनिल साही को मौका दिया गया है।

इस प्रकार भाजपा ने एक तीर से दो निशाने साधे हैं। जहां पार्टी ने महेश नेगी को बाहर कर विवाद का अंत कर दिया है वहीं अपनी साफ छवि को भी बरकरार रखने का संदेश दिया है। पार्टी ने पहली सूची में दस प्रतिशत महिलाओं को भी मौका दिया है। घोषित 59 सीटों में से छह सीटें महिलाओं के नाम हैं। इनमें से तीन कुमाऊं व तीन गढ़वाल की महिलाएं शामिल हैं।

कुमाऊं में जिन महिला उम्मीदवारों के नाम सूची में हैं उनमें सोमेश्वर सीट से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य व पिथौरागढ़ से पूर्व केबिनेट मंत्री प्रकाश पंत की धर्मपत्नी चंद्रा पंत का नाम शामिल है। खास बात यह है कि दो दिन पहले कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुई पूर्व विधायक सरिता आर्य को भी पार्टी ने आखिर में नैनीताल से मौका देकर कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का दारोमदार मढ़ दिया है।

गढ़वाल से जिन महिला प्रत्याशियों के नाम शामिल हैं उनमें यमकेश्वर से रेनू बिष्ट, हरिद्वार खानपुर से कुंवर रानी देवयानी व देहरादून कैंट से सविता कपूर का नाम शामिल है। पार्टी की ओर से इस बार दिग्गज नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी की पुत्री ऋतु खंडूड़ी का पत्ता काट दिया गया। वह यमकेश्वर से वर्तमान विधायक हैं। उनकी कमजोर प्रदर्शन के चलते पहली बार रेनू बिष्ट को मौका दिया गया है।

इसी प्रकार पार्टी ने खानपुर के बड़बोले विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन का भी पत्ता काट कर उनकी पत्नी कुंवर रानी देवयानी को मौका दिया है। तीसरा व अंतिम नाम सविता कपूर का है। उन्हें देहरादून से रिकार्ड बार विधायक रहने वाले स्व. हरबंश कपूर की परंपरागत सीट से मौका दिया गया है। इस प्रकार पार्टी ने कुमाऊं व गढ़वाल में समान टिकट देकर संतुलन कायम करने की कोशिश की है।

पार्टी ने काशीपुर से हरभजन सिंह चीमा के चुनाव न लड़ने की इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी जगह त्रिलोक सिंह चीमा को टिकट दिया है। अल्मोड़ा से रघुनाथ सिंह चौहान व कपकोट से बलवंत सिंह भौर्याल का टिकट काटकर क्रमशः कैलाश शर्मा व सुरेश गड़िया को मौका दिया गया है।

गढ़वाल से पूर्व केबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत वाली कोटद्वार विधानसभा पर पार्टी की ओर से अभी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की गई है। हरक सिंह रावत जिस लैंसडोन विधानसभा से अपनी बहू अनुकृति गुसाईं को चुनाव लड़ाना चाहते थे उस पर दलीप सिंह रावत को ही तवज्जो दी गई है।

गौरतलब है कि द्वाराहाट के विधायक महेश जीना पर उनकी पड़ोसी व द्वाराहटा की रहने वाली दीप्ति बिष्ट की ओर से यौन शोषण का आरोप लगाया गया था। महिला की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि विधायक नेगी उसकी बेटी के जैविक पिता हैं।

महिला ने डीएनए जांच की मांग की थी लेकिन उच्च न्यायालय द्वारा डीएनए जांच की मांग खारिज कर दी गई थी। तभी से माना जा रहा था कि इस बार नेगी का टिकट कट सकता है।