यौन उत्पीड़न मामले में फ्रांसीसी नागरिक की जमानत याचिका निरस्त

Sexual assault: Supreme Court upholds bail cancellation of school trustee

नई दिल्ली। सुप्रीमकोर्ट ने मुंबई की एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के आरोपी फ्रांसीसी नागरिक की जमानत याचिका खारिज कर दी है।

न्यायाधीश अर्जन कुमार सिकरी और न्यायाधीश अशोक भूषण की पीठ ने फ्रांसीसी नागरिक ब्रिलैंट पैट्रिक जैकी हेनरी मॉरिस को जमानत पर रिहा किये जाने का आदेश देने से इन्कार कर दिया।

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है। याचिकाकर्ता (मॉरिस) तीन दिन के भीतर आत्मसमर्पण करेगा। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि सत्र अदालत और बॉम्बे उच्च न्यायालय की टिप्पणियां केवल जमानत याचिका मंजूर किये जाने या खारिज किए जाने के संदर्भ में हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस फ्रांसीसी नागरिक ने मुंबई के मलाड़ इलाके में नाबालिग स्कूली छात्रा का यौन शोषण किया था। उसके खिलाफ बाल यौन शोषण संरक्षण (पॉक्सो) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप हैं।

मॉरिस को सत्र अदालत ने जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने मॉरिस की जमानत निरस्त कर दी थी। इसके बाद उसने उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।