बंद में गुंडागर्दी के खिलाफ व्यापारियों की एकजुटता, सिरोही रहा अभूतपूर्व बंद

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। जिला मुख्यालय पर दो अप्रेल को अनुसूचित जाति के लोगों द्वारा आयोजित बंद के दौरान व्यापारियों से की गई गुंडागर्दी के खिलाफ जिला मुख्यालय पर व्यापारियों की अभूतपूर्व एकजुटता दिखी। सवेरे आठ से ग्यारह बजे तक हर बाजार की हर एक दुकान स्वैच्छिक बंद रखी।

व्यापारियों ने कलक्टरी पहुंचकर जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। व्यापार महासंघ के अध्यक्ष हंजारीमल छीपा ने चेतावनी दी कि यदि गुंडागर्दी करने वालों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो 9-10 अप्रेल से व्यापारी अनशन करेंगे।

जिला मुख्यालय पर अनुसूचित जाति-जनजाति अधिनियम में संशोधन को लेकर जिला मुख्यालय पर किए गए बंद के दौरान बर्तन व्यापारी जयेश कंसारा के सिर पर गंभीर वार किया था। इसके बाद व्यापार महासंघ ने गुरुवार सवेरे आठ से 11 बजे तक आंशिक बंद रखकर रैली निकाल जिला कलक्टर को ज्ञापन देने का निर्णय किया था।

इसके तहत सवेरे से ही व्यापारी सरजावाव दरवाजे पर एकत्रित हो गए। सिरोही का बाजार अभूतपूर्व तरीके से बंद रहा। व्यापारियों का स्वैच्छिक बंद था इसलिए सब्जी, फल, दूध आदि खराब होने वाली वस्तुओं को छोडकर शेष सभी व्यवसाय तीन घंटे बंद रहे। जो व्यापार चले उनके भी एक के पीछे एक कलक्टरी पहुंचे।
-गुंडों की गिरफ्तारी की मांग
इस दौरान व्यापारियों को संबोधित करते हुए व्यापार संघ के सुरेश सगरवंशी ने कहा कि यह विरोध व्यापारियों पर हुए हमले के खिलाफ है न कि किसी संस्थान या समुदाय के खिलाफ। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी बंद हुए हैं, लेकिन इस तरह का जानलेवा हमला किसी व्यापारी पर नहीं किया गया। इस हमले में सिरोही शहर के ही लोगों की भूमिका पर भी उन्होंने खेद जताया।

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उन्होंने कहा कि अब कीाी भी सिरोही शहर के व्यापारी किसी भी संस्थान या संगठन द्वारा बंद के आह्वान पर व्यापार महासंघ की अनुमति के बिना बंद नहीं रखेंगे। संत भजनाराम ने कहा कि सिरोही के व्यापारी फाइनेंस आधारित छोटी अर्थव्यवस्था पर निर्भर है। ऐसे में एक दिन का बंद उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाता है।

उन्होंने कहा कि भविष्य में कभी बंद रखने पर यदि रखने के लिए सिरोही के व्यापारी सहमत नहीं होते हैं तो पुलिस और प्रशासन को व्यापारियों की सुरक्षा रखने की जिम्मेदारी होगी। इधर, व्यापार महासंघ के पदाधिकारी अंकित रावल ने व्यापार महासंघ की ओर से जिला प्रशासन को दिए जाने वाले ज्ञापन को पढकर सुनाया।

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जिसके अनुसार बंद के दौरान व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया करवाने, 2 अप्रेल को आयोजित बंद में मारपीट करने वालों को गिरफ्तार करने तथा इस बंद में शामिल सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
-पुलिस प्रशासन पर सवालिया निशान
संत भजनाराम ने सिरोही पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बंद के दौरान व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया नहंी करवाने का आरोप लगाते हुए उन्हें विफल बताया। उन्होंने सवाल किया पूरे देश और राजस्थान में हंगामा करने वालों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है तो सिरोही में ऐसा क्या हुआ कि एक केस दर्ज किया और न ही गिरफ्तारी गई।

इसी दौरान व्यापार महासंघ के अध्यक्ष हंजारीमल छीपा ने हमलावरो की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं किए जाने पर 9-10 अप्रेल को भूख हडताल पर बैठने की भी चेतावनी दी है। बंद के दौरान सदर बाजार, मस्जिद मार्ग, राजमाता धर्मशाला मार्ग, सरजवाव दरवाजा, कोतवाली मार्ग, नया बस-स्टैण्ड मार्ग पर स्थित समस्त व्यापारिक प्रतिष्ठान सवेरे आठ से ग्यारह बजे तक पूर्णतः बंद रहे। ज्ञापन देकर लौटने पर व्यापारियों ने बाजार खोला।