संस्कार निर्माण की पाठशाला है श्री क्षत्रिय युवक संघ : गजेन्द्र सिंह शेखावत

जयपुर। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि श्री क्षत्रिय युवक संघ संस्कार निर्माण की पाठशाला के रूप में काम करता है और सारे संस्कारों को वापस अनुकूल वातावरण देकर पुनर्स्थापित व पुनर्जागृत करने की साधना में व्यस्त है।

बुधवार को राजधानी में श्री क्षत्रिय युवक संघ के हीरक जयंती समारोह में संस्कार निर्माण और श्री क्षत्रिय युवक संघ विषय पर विचार व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि संस्कार संस्कृति से निकला शब्द है। ऐसा कहा गया है कि हमारे पूर्वजों के वे गुण, जो हमें आज भी प्रेरणा देते हैं, वे गुण हमारे संस्कार हैं।

त्याग, बलिदान, दायित्वबोध, परदुखकातरता, तेज, शौर्य, धैर्य, संघर्षप्रिय, श्रेष्ठता की रक्षा, श्रेष्ठ का वर्णन और धर्म के प्रति ईश्वरीय भाव, ये सभी गुण हमारे पूर्वजों के आभूषण थे। इन्हीं गुणों ने उन्हें कालजयी बनाया। इन्हीं गुणों को वापस समाज में प्रतिस्थापित करने का श्री क्षत्रिय युवक संघ काम कर रहा है।

उन्होंने कहा कि संघ सारे संस्कारों को वापस अनुकूल वातावरण देकर पुनर्स्थापित और पुनर्जागृत करने की साधना में व्यस्त है। श्री क्षत्रिय युवक संघ संस्कार निर्माण की पाठशाला के रूप में काम करता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये राजनीतिक मंच नहीं है, लेकिन कहीं न कहीं, कुछ न कुछ राजनीतिक बातें हुई हैं। जब राजनीति की बातें लोग कर रहे थे, तब मेरे भी मन में एक विचार आया। एक ऊहापोह की स्थिति थी कि राजनीति की बात की जानी चाहिए या इस मंच से नहीं की जानी चाहिए, लेकिन अंततः मेरे हृदय में श्री क्षत्रिय युवक संघ का स्वयंसेवकपन जागृत हुआ। वो जीता और एक राजनीतिक ज्योत हारी।

शेखावत ने कहा कि मैं आज गर्व के साथ कह सकता हूं। इस संगठन के कार्यक्रम में बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के हम केवल और केवल संगठन के लिए, केवल और केवल क्षत्रिय जाति के कल्याण के लिए और क्षत्रिय जाति का कल्याण भी, जो तनसिंह जी ने संदेश दिया, जो दर्शन दिया कि विश्व के कल्याण के लिए क्षत्रिय का उत्थान, उसके लिए काम करते हुए आगे बढ़ें।