माताएं अपनी बेटियों को सतियों की कथा सुनाएं, पतिव्रत संस्कार दें : संतोष सागर महाराज

अजमेर। ओमकार सेवा संस्थान चेरिटेबल ट्रस्ट व केशव माधव परमार्थ मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संतातन धर्म के 25वें पड़ाव के अंतर्गत अजमेर के कर्णिका भवन में चल रही श्रीमद भागवत कथा के तीसरे दिन भाई संतोष सागर महाराज ने कर्दम ऋषि व देवहूति की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि पति पत्नी गृहस्थ जीवन रूपी गाड़ी के 2 पहिए होते हैं। ये समान हो तभी ग्रहस्त रूपी गाड़ी सही चलेगी। गृहस्थ जीवन 50 वर्ष तक होता है इसके बाद इंसान को संयम व त्याग धारण करना चाहिए।

भगवान विष्णु के पंचम अवतार भगवान कपिल के अवतार की कथा सुनाते हुए कहा कि कपिल ज्ञानावतार है। कपिल भगवान ने अपनी मां को सांख्य उपदेश सुनाते हुए कहा जो ये मेरा वो मेरा करता है वो बंधन में है और जो कहता है किे सब कुछ भगवन का है ऐसा सोचने वाला मुक्त है। भगवान के नाम लीला और गुण से परमात्मा प्राप्त होते हैं। भगवान का नाम लो भगवान की लीला के दर्शन करो और धाम के दर्शन करो।

महाराज ने कहा की जीव माया के बंधन में बंधा है। इस बंधन ने उसे नहीं बांधा है वह स्वयं ही इस जाल में फंसा है। महाराज ने सती अनसूया द्वारा पतिवेत शक्ति से ब्रह्मा विष्णु महेश को 6 महीने के बालक मनाने की दिव्य कथा का श्रवण कराया। त्रिदेव ने प्रसन्न हो कर सती अनसूया को वरदान दिया जिससे भगवान दत्तात्रेय का प्राकट्य हुआ।

उन्होंने वर्तमान में युवाओं में शादी के कुछ समय बाद ही अलगह पर दुख प्रकट करते हुए कहा की इन परिस्थितियों के लिए एक मां जिम्मेदार है जो अपनी बेटियों को ऐसी सतियों की कथा नहीं सुनाती, ना ही पतिव्रत संस्कार दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 3 दशक पहले किसी ने तलाक का नाम तक नहीं सुना था। पुराने समय में बेमेल जोड़ियां पूरी उम्र खुशी से जिंदगी साथ बिता लेते पर आज एक दूजे को देख कर भी रिश्ते टूट रहे हैं। महाराज ने शिव सती विवाह की कथा का वर्णन किया।

आज दिवस की कथा में आयोजन समिति अध्यक्ष आनंद अरोड़ा, मुख्य संयोजक सुभाष चंद्र काबरा, महामंत्री मोहनलाल खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष श्याम बिहारी शर्मा, पुनीत दाधीच, कालीचरण खंडेलवाल, पुखराज पहाड़िया, लेखराज राठौड़, यजमान हरीश गिदवनी, प्रेम प्रकाश पारीक, आनंद सिंह राजावत, तरुण टिकयानी सहित सैकड़ों भक्त उपस्थित रहे।

सनातन धर्म यात्रा का रथ आज अजमेर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था पहुंचा जहां महाराज ने 800 युवाओं को प्रेरणादाई प्रवचन व निशुल्क गीता देकर लाभान्वित किया। संचालन यात्रा संयोजक शिव कुमार तिवाड़ी ने किया।