राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावक होंगे राजस्थान के 5 विधायक

सिरोही/उदयपुर। सिरोही जिले के आबू-पिण्डवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से जनजाति विधायक समाराम गरासिया समेत आदिवासी क्षेत्र के पांच विधायकों को भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार झारखंड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू का प्रस्तावक बनाया गया है। दिल्ली से फोन आने के बाद समाराम गरासिया गुरुवार को दिल्ली पहुंच गए।

समाराम गरासिया को प्रस्तावक बनाए जाने के बाद जनजाति समाज में खुशी की लहर दौड गई। भाजपा सिरोही शहर मंडल अध्यक्ष लोकेश खंडेलवाल ने इसे सिरोही जिले के लिए गौरव का विषय बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार प्रकट किया। द्रौपदी मुर्मू के चुनाव जीतने पर वह देश की पहली आदिवासी महिला एवं दूसरी महिला राष्ट्रपति होगी।

राजस्थान के ये विधायक बनेंगे प्रस्तावक

राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र से जिन विधायकों को इस चुनाव में प्रस्तावक बनने का मौका मिलेगा उनमें उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूलसिंह मीणा, सलूम्बर से अमृतलाल मीणा, झाड़ोल से बाबूलाल खराड़ी, पिंडवाड़ा से समाराम गरासिया और बांसवाड़ा जिले में गढ़ी विधानसभा क्षेत्र के कैलाश मीणा शामिल है। भारतीय जनता पार्टी के ये पांचों विधायक आज सुबह उदयपुर के डबोक हवाई अड्डे से दिल्ली के लिए रवाना हुए और दिल्ली पहुंच गए।

भाजपा ने आदिवासियों को दिया पूरा सम्मान

डबोक हवाई अड्डे पर दिल्ली रवाना होने से पहले विधायक फूल सिंह मीणा ने मीडिया से कहा कि बहुत खुशी की लहर है कि देश के प्रथम नागरिक के लिए आदिवासी महिला को चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया है जो बड़ी बात है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासियों को पूरा सम्मान दिया है और आज मेवाड़ से पांच विधायकों को दिल्ली बुलाया है जो बहुत ही खुशी की बात है।

एक मजदूर ने तय किया राजनीति का सफर

आबू-पिण्डवाड़ा विधायक समाराम गरासिया तीन बार विधायक चुने गए हैं। वे पूर्व में भारतीय मजदूर संघ के वॉल्केम इंडिया लिमिटेड में यूनियन के लीडर रहे थे। फैक्ट्री में काम करते हुए गरासिया एक मजदूर के रुप में रहते हुए सुपरवाइजर बने।

समाराम गरासिया को भारतीय जनता पार्टी ने प्रथम बार जब उम्मीदवार बनाया तब फैक्ट्री के सभी मजदूरों ने उनके चुनाव लड़ने के लिए एक दिन का वेतन समर्पित किया था।

चुनाव प्रचार प्रसार के लिए धनराशि कम होने के कारण उन्होंने स्वयं की 25000 रुपए की एफडी को समय से पहले तुड़वाकर चुनाव में खर्च की थी। सहजता से बातचीत और सादगी सरलता के लिए वह आम जन में जाने जाते हैं।