पलाश के फूल पतझड़ के साथ झड़े, दरख़्तों ने ओढी हरियाली की चादर

आबूरोड (सिरोही)। सिरोही जिले की आबूरोड तहसील के सांगणा- उपलागढ़ सड़क मार्ग के बीच कुछ समय पखवाड़े पूर्व पलाश के फूलों से सड़क के किनारे का विहंगम दृश्य रंगों की छटा बिखेर रहा था। अब उसी सफर और उन्हीं दरख़्तों पर पतझड़ का रंग धुला और हरे रंग की चुनर धारण कर ली।

आबूरोड -हाईवे- हनुमान टेकरी सांगणा – उपलागढ़ मार्ग पक्के निर्माण के बाद का नया रूट जब से संचालित हुआ है यहां से गुजरने वाले मुसाफिर प्रकृति के उपहार के मिजाज को देखकर सुखद अनुभूति का आभास करते हैं।

पहले पलाश के वृक्षों पर लगे फूलों ने सफर में रंग घोल दिया था। तो अब पतझड़ के बाद रंग बदला लेकिन गर्मी में भी वृक्षों पर उपज रहा हरे पत्तों का दामन फिर हरित क्रांति की आभा का सुकून दे रहा है।

सफर में सड़क के इर्द-गिर्द छायादार झुरमुट के बीच कुछ राहगीर तपती धूप में आराम भी कर लेते हैं। कुछ ऊंचाई पर के दरख़्तों पर जरूर सड़क से केवल शाखाएं दिखाई देती हैं, हरीतिमा से वे रूखे रुखे दिखाई देते हैं लेकिन, उन शाखाओं पर भी नवरंग के लक्षण उत्पन्न होते नजदीक जाने पर दिखाई पड़ते हैं।

इस सफर में कई वृक्षों पर सफेद पुष्प भी छाए हुए हैं, तो कहीं चित्र विचित्र पेड़। बीच में पक्षियों की मनभावन शहनाई जैसी आवाजें भी सफर को मंत्रमुग्ध कर देती है। घाटाफली के नाम से कटाई कर निर्मित घुमावदार ग्रामीण सड़क भी पर्यटन आबू के सड़क की याद दिलाती है।