सिरोही : चारभुजाजी मंदिर पर वार्षिक ध्वजारोहण, वार्षिक कार्यक्रम स्थगित

सिरोही। कोरोना वायरस के चिंताजनक माहौल के बीच सदर बाजार सिरोही स्थित खंडेलवाल समाज के आराध्य देव ठाकुरजी-चारभुजाजी मंदिर का ध्वजारोहण सादगीपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, इस मौके पर होने वाले सभी सामाजिक वार्षिक कार्यक्रम और भव्य होने वाला मेला उत्सव आयोजन स्थगित किए गए।

रविवार को ज्येष्ठ कृष्णा दशमी के अवसर पर वार्षिक ध्वजारोहण के लाभार्थी स्व.पारसमल, रमेश कुमार, नेमीचंद भाई, डॉ. हस्तीमल, भरत कुमार पुत्र स्व.पुखराज कायथवाल परिवार झाडोली हाल सूरत निवास करने से उक्त परिवार द्वारा गणमान्य उपस्थितजनों के मार्फत मंदिर पर निर्धारित तिथि व समय अनुरूप ध्वजारोहण संपन्न करवाया गया।

मंदिर इतिहास का यह पहला अवसर है कि वार्षिक ध्वजारोहण के बाद भगवान की शोभायात्रा सहित अन्य सभी सामाजिक सम्मेलन व कार्यक्रम स्थगित किए गए। उल्लेखनीय है कि इस मौके पर प्रतिवर्ष सिरोही में खण्डेलवाल समाज के हजारों परिवारजन एवं बड़ी तादाद में प्रवासी बंधु दो-तीन दिनों तक भव्य आयोजन में शिरकत करने पहुंचते हैं।

वार्षिक महोत्सव स्थगित होने से और समाज के परिवारों को घर बैठे आराध्य देव के दर्शन लाभ की सोशल मीडिया के माध्यम से व्यवस्था की गई तथा समाज के लोगों ने भी अपने-अपने घरों में रहकर प्रभु की प्रसाद व भोग लगाया।

मंदिर ध्वजारोहण के मौके पर कोरोना महामारी ने जहाँ धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों व लोगों की जीवन शैली को भी प्रभावित किया है जिसके फलस्वरूप जहां हजारों की भीड़ जुटती थी वहां महज गिने-चुने लोगों ने धर्म की पवित्रता को बरकरार रखते हुए औपचारिकता से विधि को संपन्न किया।

उपस्थित समाज बंधुओं ने कोरोना की वैश्विक महामारी को खत्म करने व संपूर्ण विश्व में सुख, शांति, दया, कृपा बनाए रखने की विश्व कल्याण के लिए प्रार्थना की और समाज मे सामाजिक सदभाव, परस्पर स्नेह, समग्र विकास एवं शांति के लिए आराध्य प्रभु से वंदना की गई।

ध्वजारोहण के पुनीत अवसर की रस्म पूर्व महासंघ अध्यक्ष कैलाश नाटानी, हिम्मतमल खुटेटा सिरोही, मगरा परगनाध्यक्ष लोकेश खण्डेलवाल सिरोही, लक्ष्मणभाई झाडोली, जगदीशभाई पिंडवाड़ा, कैलाश अजारी, चंद्रकांत सिरोही, अंबालालभाई, नटवरलाल रेवदर, गोविंद भाई बड़गांव, जगदीश मेहरवाल, रमेश कुमार ओर, नारायणलाल रेवदर, लक्ष्मीनारायण उर्फ बबलू सूरत, रामचंद्र, दीपचंद नाटाणी, विजय, सुरेश चेन्नई, महेंद्र नादिया,समेत पुजारी फ़रसराम वैष्णव व रणछोड़ आदि उपस्थित भक्तों ने आरती आदि में भाग लेकर संक्षिप्त विधि से आवश्यक मंदिर कार्य का निष्पादन किया।