जिला मुख्यालय को बना दिया गांव, बिजली की इतनी ट्रिपिंग शायद ही कहीं

सिरोही। बिजली की दरों में सब्सिडी के साथ ही गहलोत सरकार ने शायद इसके वितरण में भी सब्सिडी शुरू कर दी है। यही कारण है कि पिछले 6 महीने से भी ज्यादा समय से डिस्कॉम अधिकरियों ने जिला मुख्यालय को ग्रामीण क्षेत्र से बदतर बनने दिया है।

एक दिन में आधे दर्जन से ज्यादा ट्रिपिंग

सिरोही में आ रहे राज्य सरकार में मंत्रियों द्वारा मंचों से यूं दावे नए नए सब स्टेशन लगाकर ग्रामीण क्षेत्र की बिजली व्यवस्था सुधारने के किए जा रहे हैं। लेकिन पहले से दुरुस्त शहरी क्षेत्र की बिजली वितरण व्यवस्था नहीं सुधर रही है। जिला मुख्यालय पर एक एक दिन में 8 से 10 बार ट्रिपिंग हो रही है।

चिमनी वाले दौर में ले लाई डिस्कॉम

डिस्कॉम सिरोही ने सिरोही जिला मुख्यालय के कई इलाकों को पुरानी चिमनी वाले दौर में ला दिया है। शाम को सूरज ढलने से लेकर सुबह सूरज उगने तक और सूरज उगने से लेकर शाम को सूरज डूबने तक कब बिजली गुल हो जाए कोई नहीं जानता। ऐसे में अंधेरे से लड़ने के लिए अब सप्लीमेंट्री सोर्स रखना जरूरी हो गया है। दो साल पहले जिला मुख्यालय के ऐसे बदतर हालात नहीं थे जैसे अब कर दिए गए हैं।