सिलीकोसिस पीडित हिन्दूराम की मौत के बाद भी सरकार का दिल नहीं पसीजा

मृतक की पत्नी तथा तीन नाबालिग पुत्र लक्ष्मण, मुकेश और बिरमा।
मृतक की पत्नी तथा तीन नाबालिग पुत्र लक्ष्मण, मुकेश और बिरमा।

सिरोही/आबूरोड। सिरोही जिले के आदिवासी बहुल निचलागढ के मीणाछापर फली में निवासरत विधवा बिबली को अपने पति सिलीकोसिस पीडित हिन्दूराम की मृत्यु का एक साल बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली आश्रित सहायता राशि नहीं मिली है। जिससे उसे परिवार का पालन पोषण करने में तंगहाली का सामना करना पड रहा है। परिवार में मृतक आश्रित की पत्नी, तीन नाबालिग पुत्र लक्ष्मण, मुकेश और बिरमा हैं।

उपचार के लिए नहीं मिली थी योजना से मदद

हिन्दूराम की पत्नी बिबली ने बताया कि जीते जी पति का सिलोकोसिस रोग प्रमाण पत्र दिनांक 10 मार्च 2017 को जारी हो गया था साथ ही श्रमिक कार्ड भी 5 अगस्त 2017 को बन चुका था। लेकिन उपचार के लिए मिलने वाली सहायता मुहैया नहीं होने से दिलांक 18 अगस्त 2017 को 35 साल की आयु में देहांत हो गया।

सहायता राशि के ये हैं नियम

सिलोकोसिस पीडित श्रमिक को उपचार के लिए एक लाख रुपए तथा मौत हो जाने पर आश्रित को 3 लाख रुपए की सहायता राशि देय होती है।