IMPACT : सत्ता बदलते ही इन अनियमित पट्टों और खाँचा भूमियों पर की निरस्ती की कार्रवाई

सिरोही नगर परिषद द्वारा पट्टा निरस्त करने के लिए भेजा गया आदेश की प्रति।
सिरोही नगर परिषद द्वारा पट्टा निरस्त करने के लिए भेजा गया आदेश की प्रति।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। चुनाव के दौरान भाजपा बोर्ड द्वारा अवैध तरीके से सिरोही नगर परिषद क्षेत्र की भूमियों को खुर्दबुर्द करने के आरोप कांग्रेस ने लगाए थे। सत्ता पर काबिज होते ही ऐसे पट्टों को निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पहले चरण में चार पट्टे और सात स्ट्रीप ऑफ लैंड के पट्टे अनियमित पाते हुए उन्हें निरस्त करने के लिए भेजा गया है।


-ये हैैं वो प्रकरण
नगर परिषद आयुक्त द्वारा नगर परिषद के लीगल एडवाइजर को पट्टे निरस्त करवाने के लिए पत्रावलियां भेज दी गई हैं। इनमें चुन्नीलाल माली के नाम से खसरा संख्या 1221 शामिल है। यह राजकीय भूमि है। पट्टा नियम के तहत जारी किए जाने वाले 300 वर्गगज की सीमा से ज्यादा का है।

यह प्रकरण सबसे पहले सबगुरु न्यूज ने उठाया था। इसी तरह रेवानाथ अखाड़े के तीन पट्टे भी इसमें शामिल हैं। इसमें एक ही संपत्ति को तोडक़र अलग-अलग पट्टे जारी करने के कारण अनियमितता की श्रेणी में माने गए हैं। रेवानाथ अखाड़े का मामला पहली बार कुम्हारवाड़ा में मोबाइल टावर के विवाद के दौरान आया था।
-इन स्ट्रीप ऑफ लैण्ड को निरस्ती की कार्रवाई
स्ट्रीप ऑफ लैण्ड जारी करने में भी नियमों की अनदेखी सामने आई है। इसे देखते हुए रास्ते की भूमि में ही खांचा भूमि का पट्टा बनाकर आशा रावल व नेनाराम रावल के नाम से जारी कर दिए गए। इस कारण इसे निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसी तरह से कॉलोनी के स्वतंत्र भूखण्डों को शकुंतला डाबी व नवलसिंह राजपूत के नाम से खांचा भूमि के नाम पर आवंटित कर दिया गया। नाले की भूमि पर कमला देवी को एक और हीरालाल को दो खांचा भूमि आवंटित कर दी गई।
-पार्षद उठाते रहे मांग
पिछले बोर्ड और इस बोर्ड में नगर परिषद सिरोही में भाजपा और कांग्रेस के पार्षद निरंतर अवैध तरीके से दिए गए पट्टों और खांचा भूमियों की जांच के लिए कहते रहे। इन पट्टों को निरस्त करने के लिए भी कई बार बोर्ड बैठकों में उन्होंने प्रस्ताव रखे।

पिछले बोर्ड की अंतिम बैठक में विरेन्द्र एम चौहान ने तो इस बोर्ड की पहली बैठक में मणिदेवी ने सार्दुलपुरा कॉलोनी में अवैध अतिक्रमण और अवैध पट्टों पर कार्रवाई का प्रस्ताव रखा, जिस पर भाजपा पार्षद सुरेश सगरवंशी और अरूण ओझा के अलावा कांग्रेस पार्षदों ने भी शहर के विभिन्न इलाकों में हुए अतिक्रमणों और अवैध पट्टों व अवैध निर्माण के  मुद्दे उठाए थे। इसके बाद बोर्ड को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया था।
-एफआईआर भी हो
सिरोही शहर के लोगों की इतनी संपत्ति नियमों में ताक पर रखकर औने पौने दामों पर अतिक्रमण नियमन, स्ट्रीप ऑफ लैण्ड के नाम पर खुर्दबुर्द कर दी। अन्य नगर निकायों की तरह सिरोही नगर निकाय में भी यह सामान्य बात हो गई थी। कई पट्टे वितरण तो पूर्व आयुक्त लालसिंह राणावत के काल मे खसरा संख्या 1218 के साथ हुई। कई शिकायतों के बाद भी तत्कालीन विधायक और भाजपा का बोर्ड होने पर भी भाजपा सरकार में उन्हें हटाया नहीं गया। परिणामस्वरूप यह प्रकरण सामने आए, जिसमें भाजपा के सभापति भी जद में आ गए।
-इनका कहना है….
पट्टों और स्ट्रीप ऑफ लैंड के आवंटन में खामियां पाई गई। इन्हें निरस्त करने के लिए एलए के पास भिजवा दिया गया है।
शिवपालसिंह राजपुरोहित
आयुक्त, नगर परिषद, सिरोही।