सिरोही पुलिस को मिला ‘डिटर्जेंट’, ठीक तीन महीने बाद धुला वर्दी पर लगा दाग

 

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सबगुरु न्यूज-सिरोही। ठीक तीन महीने पहले 31 मई को सरूपगंज क्षेत्र में पकड़ी गई शराब की बड़ी खेप ने सिरोही पुलिस को राज्य स्तर पर जो बदनामी दी थी उसे एक तिहाई धो दिया है।

एक तिहाई इसलिए कि सिरोही में तस्करी के धंधे के मुख्य तीन आरोपियों में से दो अभी भी बाहर हैं। जिले में शराब तस्करी की लाइन के जिस मामले में सिरोही पुलिस अधिक्षक हिम्मत अभिलाष टांक के कार्यकाल में जो दाग लगा था उस तस्करी की लाइन के सिरोही जिले के मुख्य वांछित आनंदपाल सिंह को सिरोही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसे डीसा के एक फाइव स्टार होटल से पकड़ा गया है। सिरोही पुलिस की साख पर लगे दाग को धोने में आंनदपाल की गिरफ्तारी डिटर्जेंट की तरह काम करेगी।
जानकारी के  अनुसार हरिसिंह राजपुरोहित थानाधिकारी स्वरूपगंज मय टीम द्वारा तकनीकी व मुखबिरी स्रोत के आधार पर इनामी अभियुक्त आनंदपालसिंह उर्फ डिक्सा को गिरफ्तार किया गया है। आनंदपाल सिंह सिरोही जिले मुख्यालय से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित धाँता गांव का निवासी है। उसे गुजरात राजस्थान बॉर्डर पर सिरोही के मंडार क्षेत्र से सटे डीसा के एक आई एक फाइव स्टार होटल से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई।
थानाधिकारी स्वरूपगंज के नेतृत्व में पुलिस थाना स्वरूपगंज की दो टीमों ने देर रात्रि में डीसा गुजरात में आई फाइव स्टार होटल को सुनियोजित तरीके से घेर लिया। किसी को भनक लगे बिना ही अभियुक्त को दस्तयाब कर लिया।
अभियुक्त की गिरफ्तारी के संबंध में जिला पुलिस अधीक्षक सिरोही द्वारा ₹3000 का इनाम घोषित कर रखा था। अभियुक्त आले दर्जे का बदमाश हिस्ट्रीशीटर शातिर शराब तस्कर है। पुलिस की भनक लगते ये फरार हो जाता था। पुलिस टीम पिछले काफी समय से इसके पीछे लगी हुई थी। लेकिन, इसे भनक लगते ही है भागने में सफल हो जाता था। इस बार विशेष सतर्कता बरते हुए गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई ।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव आंनदपाल सिंह को गिरफ्तार करने वाले दल में शामिल  थानाधिकारी हरिसिंह राजपुरोहित, ASI  राजेंद्रसिंह, कानस्टेबल स्वरूपसिंह, बाबूसिंह, बजरंगलाल, बाबूलाल, छगनलाल व तेजाराम को इनाम राशि से सम्मानित भी करेंगे।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव ने बताया कि इसके ऊपर गुजरात और राज्य के अन्य थानों में दर्ज मामले की भी जानकारी जुटाई जाएगी। इससे शराब तस्करी का जो नेटवर्क चल रहा था उसमें शामिल अन्य लोगों की भी जानकारी ली जाएगी।
– कभी जिला पुलिस चलती थी इसके इशारे पर
शराब तस्करी की सिरोही लाइन को जोड़कर गुजरात में सिरोही से शराब बहाने वाला आनदपाल वो शख्स था जो तीन महीने पहले तक सिरोही पुलिस को चलाता था। विभागीय सूत्रों के अनुसार किसका कहाँ
स्थानांतरण करना है किसे लगाना है ये सब जिला पुलिस में इसके इशारे पर होता था। तीन महीने पहले सरूपगंज क्षेत्र मे शराब की दो बड़ी खेप पकड़ी गईं थी। इसके बाद मीडिया रिपोर्टों में जिस तरह सिरोही पुलिस को कठघरे में खड़ा किया गया उससे सिरोही।

पुलिस का निजाम बदला और आनंदपाल का नसीब। सिरोही में डीएस के बाद शराब तस्करी का सब बड़ा नेटवर्क का खुलासा मई में हुआ था, इसमें सिरोही जिले से आनंदपाल का नाम उभर कर सामने आया था। राज्य स्तरीय जांच समिति में भी इस तस्करी में सिरोही पुलिस के पूर्व अधिकारियों की संलिप्तता सामने आई थी।
– विपक्षी नेताओं चुप्पी का राज भी खुला
आंनदपाल सिंह की गिरफ्तारी ने इस प्रश्न से भी पर्दा उठा दिया है कि राज्यभर में पुलिस की नाक कटाने वाले इतने बड़े प्रकरण में राज्य की विपक्षी पार्टी ने मुंह में दही क्यों जमा रखी थी। सूत्रों के अनुसार आनंदपाल सिंह विपक्षी पार्टी की यूथ विंग का पदाधिकारी रह चुका है।

सूत्रों से ये जानकारी भी मिली है कि जिस स्थान से आनंदपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया था उसके निकट ही जिले में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के कारण सिरोही के कई नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। अब ये निकटता किसकी और कितनी थी ये धीरे धीरे खुलेगी।