विदेशी नागरिकों को ऋण दिलाने का झांसा देकर करोडों की ठगी का आरोपी अरेस्ट

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में एसओजी टीम ने आज बड़ी कार्रवाई कर 500 विदेशी नागरिकों को सस्ती दर पर लोन उपलब्ध कराने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

एटीएस एवं एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक अशोक राठौड़ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान किले की ढाल, नागौर निवासी शातिर ठग रमजान खान के रूप में की गई है। पूर्व में इस मामले में एक आरोपों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि 17 मार्च, 2020 को फ्लोरिडा अमरीका निवासी रिटायर्ड शिक्षा अधिकारी ने भारत सरकार के माध्यम से एफआईआर दर्ज करवाई कि कुछ लोगों ने कॉल कर इजी डायरेक्ट सोल्यूसन्स का प्रतिनिधि बन सस्ती दरों पर लोन दिलाने का झांसा देकर 10,000 डॉलर ठग लिए। जिस पर साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन, एसओजी जयपुर पर मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

अनुसंधान में आरोपी राजस्थान के निवासी पाए गए। जिनका सम्बन्ध जयपुर में चल रहे कॉल सेन्टर से पाया गया। इस पर एफबीआई ने भी अपनी तरफ से अनुसंधान प्रारम्भ किया तो करीब 500 विदेशी नागरिकों के साथ ठगी किया जाना सामने आया।

आरोपी भारत में फर्जी फर्मों के डायरेक्टर बन विदेश में ऑनलाइन कम्पनी एवं खाता खोलकर विदेशी नागरिकों को सस्ती दरों पर लोन दिलाने का झांसा देकर एर्टाेनी फीस, बैंक प्रोसेसिंग फीस, फाईल चार्ज, रजिस्ट्रेशन, कैशियर चौक आदि के नाम पर अमरीकन नागरिकों से अमरीका में फर्जी तरीके से खोली हुई कम्पनियों के नाम से वर्चुवल ऑफिस के पते पर कैशियर चौक मंगवा लेते।

इसके बाद वर्चुवल ऑफिस पर सेवा प्रदाता कम्पनी उन चौकों के बारे में अवगत करवाकर यूएस के बैंक में जमा करवाते थे। चौक बैंक में जमा होनेे के पश्चात् मुल्जिम जरिए वायर ट्रांसफर अमेरिका से भारत में स्वयं के एवं अन्य कम्पनियों के बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा लेते थे।

यूएस में किराए पर लिए गए ऑनलाइन सर्वर के जरिए रिमोट पीसी एक्सेस कर स्थानीय आईपी एड्रेस को काम में लेते, जिससे बैंक को संदेह ना हो कि उक्त वायर ट्रांजेक्शन किसी अन्य देश की आईपी एड्रेस पर किया जा रहा है।

इस वायर ट्रांजेक्शन मुल्जिम विभिन्न बैंकों में शॉप एक्ट के तहत फर्म रजिस्टर्ड करवाकर चालू खाता खुलवाकर स्वयं के व अन्य मासूम लोगों के खातों को काम में लेते हैं। अब तक के अनुसंधान से आरोपीगण द्वारा विभिन्न फर्म व स्वयं के खातों में वायर ट्रांजेक्शन के माध्यम से लगभग 30 करोड़ रूपए प्राप्त किया जाना पाया है।