कांग्रेस बोर्ड से शिकायत लेकर पहुंची भाजपा का आपस में शिकायतों का अंबार

माउंट आबू नगर पालिका में धरना उठाने के बाद जनसमस्याओं के निराकरण के लिए दो सदस्यों द्वारा भाजपा मंडल अध्यक्ष को सहयोग के लिए लिखा पत्र।
माउंट आबू नगर पालिका में धरना उठाने के बाद जनसमस्याओं के निराकरण के लिए दो सदस्यों द्वारा भाजपा मंडल अध्यक्ष को सहयोग के लिए लिखा पत्र।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। माउंट आबू में सोमवार को भाजपा के आधा दर्जन में से पाव दर्जन पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष के चेम्बर के सामने वार्ड विकास नहीं होने को लेकर धरने पर बैठे।
इनका आरोप था कि इनके वार्ड में पैसे के अभाव और उपखण्ड अधिकारी द्वारा निर्माण सामग्री के टोकन जारी नहीं किये जाने के कारण विकास कार्य रुका हुआ है। वहीं गैर मौजूद रहे शेष  तीन पार्षदों से एक नेता प्रतिपक्ष सुनील आचार्य से धरने में गैर मौजूदगी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें और सन्गठन को इसकी कोई जानकारी नहीं थी कि भाजपा के पार्षद धरने पर बैठ रहे हैं। भाजपा पार्षद सौरव गंगड़िया, धीरज कुमार, देवीलाल बामनिया और उनके वार्ड वासियों के साथ पूर्व पालिकाध्यक्ष सुरेश थिंगर भी धरने में शामिल थे। उल्लेखनीय है कि गांगडिया के गुट के द्वारा माउंट आबू में एक सत्याग्रह समिति भी बनाई गई थी, जो माउंट आबू में लोगों की समस्या निराकरण के लिये मरणासन्न पहुंच चुकी आबू सँघर्ष समिति के जवाब में बनाई गई थी।
– एसडीएम के कार्यप्रणाली पर फिर उठे सवाल
धरने पर बैठे पार्षद सौरव गंगड़िया का आरोप था कि वार्डों के विकास कार्य करवाने के लिए नगर पालिका के पास पैसा नहीं है लेकिन, शरद और ग्रीष्म महोत्सव में उड़ाने को पैसा है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका ये कह रही है कि शहर में विकास के लिए टोकन जारी नहीं हो रहे हैं।

गांगड़िया ने अपने दोनो ही दावों से माउंट आबू उपखण्ड अधिकारी को कठघरे में खड़ा कर दिया है। क्योंकि ग्रीष्म महोत्सव के दौरान आयुक्त का कार्यभार भी एसडीएम के पास था और मोनिटरिंग कमिटी के 3 सितंबर 2015 के निर्णय के अनुसार गठित सब कमेटी में माउंट आबू में निर्माण सामग्री जारी करने का अधिकार भी एसडीएम के पास है।

– गांगड़िया संतुष्ट, बाकी दो फिर बैठेंगे
धरने के दौरान नगर पालिका के सहायक अभियंता नवोदित राजपुरोहित वहां पहुंचे। सौरव गंगड़िया ने उनसे अपने वार्ड की समस्याओं की बात की। साथ बैठे पार्षदों ने गंगड़िया के बाद अलग से अपनी अपनी बात रखने को कहा। लेकिन, गांगड़िया से बात करने के बाद एईएन उन्हें लेकर कहीं निकल गए। बाद में वापस आये तब तक देवीलाल और धीरज धरने पर रहे।

लौटकर एईएन ने उनकी समस्याएं जानकर उन्हें भी उनके वार्ड में काम करने को आश्वस्त किया। गांगड़िया की समस्या के निराकरण के आश्वासन के बाद संतुष्ट हो गए लेकिन, देवीलाल और धीरज के लगातार इस तरह के आश्वासन मिलने और भी काम नहीं होने के कारण असंतुष्ट रहे। काम हुए बिना ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर सब नगर पालिका में करने का दावा करने वाले गांगड़िया के नेतृत्व में शुरू हुआ धरना करीब एक घण्टे में उठ गया।

बाद में पार्षद देवीलाल बामनिया और धीरज सोलंकी ने माउंट आबू भाजपा मंडल अध्यक्ष टेकचंद बम्भाणी और नेता प्रतिपक्ष को पत्र देकर उनके वार्ड में काम नहीं होने को लेकर आज के धरने की जानकारी देते हुए आगामी धरने में उनका सहयोग मांगा। इस मंडल अध्यक्ष ने नगर पालिका अध्यक्ष को पत्र देकर  पार्षदो के वार्ड में काम नहीं होने पर 7 दिवस बाद भाजपा की तरफ से धरने की चेतावनी दी।
– “खुले में विरोध, पीछे से बिल का दबाव”
<span;>माउंट आबू में विकास कार्य नहीं होने के भाजपा पार्षदों के आरोप पर पालिकाध्यक्ष जीतू राणा ने कहा कि ये आरोप गलत हैं। कई वार्डों में काम हुए हैं। कुछ के वर्क आर्डर जारी किए हुए हैं कुछ काम उपखण्ड अधिकारी द्वारा मटेरियल जारी नहीं करने के कारण अटके हुए हैं। महोत्सवों में पैसा उड़ाने के संदर्भ में राणा ने आरोप लगाया कि हमने बोर्ड बैठक में पार्षदों के इस पर रोष जताने पर ग्रीष्म महोत्सव के सभी पैसे जारी करने पर रोक लगा दी थी, लेकिन बाद में यही लोग ऑर्केस्ट्रा और दूसरे कार्यकर्मों के पैसे जारी करने का दबाव बनाने के लिए आयुक्त के पीछे लग गए।
इनका कहना है….
<span;>वरिष्ट साथी सौरव गांगाड़िया का काम हो गया था इसलिए उन्होंने अपना धरना समाप्त कर दिया होगा। लेकीन, नगर पालिका द्वारा हमें ऐसे आश्वासन पहले भी मिले और काम नहीं हुआ इसलिये हम आश्वासन से संतुष्ट नहीं है। धरने को यथावत रखने के लिए नेता प्रतिपक्ष और मंडल अध्यक्ष से बात की है और 7 दिन में काम नहीं होने पर फिर धरने की चेतावनी दी है।
देवीलाल बामनिया
सदस्य, नगर पालिका माउंट आबू।