एल्गर की कप्तानी पारी से दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में की 1-1 की बराबरी

जोहानसबर्ग। कप्तान डीन एल्गर की नाबाद 96 रन की कप्तानी की जिम्मेदारी भरी पारी से दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरे टेस्ट मैच के वर्षा प्रभावित चौथे दिन गुरूवार को सात विकेट से पराजित कर तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। भारत को वांडरर्स के उस मैदान में हार का सामना करना पड़ा जहां वह पिछले 30 वर्षों में कभी हारा नहीं था।

बारिश होने के कारण चौथे दिन लंच और चायकाल तक पहले दो सत्रों का खेल धुल गया था लेकिन तीसरे सत्र में खेल संभव हुआ और दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज में बराबरी करने वाली जीत हासिल कर ली। एल्गर ने चौका मारकर दक्षिण अफ्रीका को जीत दिलाई।

स्थानीय समयानुसार 3 बजकर 45 मिनट पर खेल शुरू हुआ और आज 34 ओवर डाले जाने थे। दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए 240 रन का लक्ष्य मिला है। दक्षिण अफ्रीका ने लक्ष्य का पीछा करते हुए कल स्टंप्स तक दो विकेट खोकर 118 रन बना लिए थे और मैच जीतने के लिए उसे 122 रन की जरूरत थी।

भारतीय गेंदबाजों को लगातार संघर्ष करना पड़ा और एल्गर ने 188 गेंदों में 10 चौकों की मदद से नाबाद 96 रन बनाये और भारत के हाथों से मैच निकाल ले गए। एल्गर को रैसी वान डेर डुसेन और तेम्बा बावुमा का अच्छा साथ मिला।

वान डेर ने 40 और बावुमा ने नाबाद 23 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका ने तीन विकेट पाए 243 रन बनाकर सीरीज में बराबरी करने वाली जीत हासिल की। सीरीज का फैसला अब 11 जनवरी से केप टाउन में होने वाले तीसरे और निर्णायक टेस्ट मैच से होगा।

चौथे दिन खेल शुरू होने पर एल्गर ने 46 और रैसी वान डेर डुसेन ने 11 रन से अपनी पारी को आगे बढ़ाया। भारत ने जसप्रीत बुमराह और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन से दिन की शुरुआत की लेकिन दोनों बल्लेबाजों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। दोनों स्कोर को 175 रन तक ले गए।

आखिर मोहम्मद शमी ने वान डेर को पहली स्लिप में चेतेश्वर पुजारा के हाथों कैच कराकर पहली सफलता दिलाई। वान डेर ने 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 40 रन बनाए। लेकिन उसके बाद तेम्बा बावुमा ने विकेट पर डटकर एल्गर का अच्छा साथ दिया। हालांकि जब बावुमा का खाता नहीं खुला था तब शार्दुल ठाकुर ने अपनी गेंद पर उनका सीधा कैच टपका दिया।

भारत को गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज की कमी खली जो चोटिल होने के कारण आज गेंदबाजी करने के लिए उपलब्ध नहीं थे। बावुमा ने 45 गेंदों पर तीन चौकों के सहारे नाबाद 23 रन बनाए। भारत की तरफ से शमी, ठाकुर और अश्विन ने एक-एक विकेट लिया। दक्षिण अफ्रीका ने 1992 में क्रिकेट में वापसी करने के बाद पहली बार वांडरर्स के मैदान पर भारत को मात दी।