दूसरा वनडे सात विकेट से जीतकर दक्षिण अफ्रीका का सीरीज पर कब्ज़ा

पर्ल। सलामी बल्लेबाजों यानेमन मलान (91) और विकेटकीपर क्विंटन डी कॉक (78) के शानदार अर्धशतकों तथा उनके बीच 132 रन की ओपनिंग साझेदारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को दूसरे वनडे में शुक्रवार को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अपराजेय बढ़त बना ली।

भारत ने युवा विकेटकीपर ऋषभ पंत (85) और कप्तान लोकेश राहुल (55) के शानदार अर्धशतकों तथा शार्दुल ठाकुर की नाबाद 40 रन की उपयोगी पारी से 50 ओवर में छह विकेट पर 287 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर बनाया जबकि मेजबान दक्षिण अफ्रीका ने 48.1 ओवर में तीन विकेट पर 288 रन बनाकर टेस्ट सीरीज के बाद वनडे सीरीज भी जीत ली। सीरीज का तीसरा और अंतिम मैच 23 जनवरी को केप टाउन में खेला जाएगा जहां भारत क्लीन स्वीप से बचने की कोशिश करेगा।

दक्षिण अफ्रीका ने पहला वनडे लक्ष्य का पीछा करते हुए जीता था जबकि दूसरे वनडे में आज उसने लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। पहले वनडे की तरह दूसरे वनडे में भी भारतीय गेंदबाजों ने निराश किया। जसप्रीत बुमराह, शार्दुल ठाकुर और युजवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट हासिल किया।

प्लेयर ऑफ द मैच बने डी कॉक ने मात्र 66 गेंदों में 78 रन की आक्रामक पारी में सात चौके और तीन छक्के लगाए। मलान ने पहले विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी करने के बाद कप्तान तेम्बा बावुमा के साथ दूसरे विकेट के लिए 80 रन जोड़कर दक्षिण अफ्रीका को जीत की राह पर डाल दिया। बुमराह ने मलान को बोल्ड किया जबकि बावुमा ने चहल को वापस कैच थमा दिया। एडन मारक्रम और रैसी वान डेर डुसेन ने 37-37 रन बनाकर टीम को आसान जीत दिला दी।

इससे पहले भारतीय कप्तान लोकेश राहुल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने 63 रन की ठोस शुरुआत की लेकिन फिर एक रन के अंतराल में शिखर और विराट कोहली के कीमती विकेट गंवा दिए। शिखर को पार्ट टाइम ऑफ स्पिनर एडन मारक्रम ने सिसंडा मगाला के हाथों कैच कराया जबकि विराट को मगाला ने कप्तान तेम्बा बावुमा के हाथों कैच करा दिया। शिखर ने 38 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 29 रन बनाये जबकि विराट पांच गेंदें खेलकर अपना खाता नहीं खोल सके।

कप्तान राहुल को उस समय बड़ा जीवनदान मिल गया जब टीम का स्कोर 70 और उनका खुद का स्कोर 27 रन था। लेफ्ट आर्म स्पिनर लोकेश राहुल की गेंद को पंत ने मिडिल स्टंप से फ्लिक किया था मिडविकेट फील्डर के बायीं तरफ, राहुल रन लेने के लिए दौड़ पड़े थे। पंत ने वापस भेजने का प्रयास किया, फील्डर ने तेज़ी से गेंद को लपका और नॉन स्ट्राइकर छोर पर थ्रो किया लेकिन महाराज उसे पकड़ नहीं पाए, अगर पकड़कर गिल्लियां बिखेर देते तो राहुल दूर दूर तक कहीं भी नहीं थे, बैक अप कर रहे फील्डर भी गेंद को सही से लपक नहीं पाए और राहुल को सुरक्षित वापस आने का मौका दे दिया।

राहुल रन आउट होने से बच गए। इस जीवनदान का फायदा उठाकर राहुल ने पंत के साथ तीसरे विकेट के लिए 115 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। राहुल 79 गेंदों में 55 रन बनाकर टीम के 179 के स्कोर पर आउट हुए। राहुल ने चार चौकों की मदद से 55 रन बनाये। पंत थोड़ी देर बाद टीम के 183 के स्कोर पर 71 गेंदों में 10 चौकों और दो छक्कों के सहारे 85 रन बनाकर चाइनामैन गेंदबाज तबरेज शम्सी की गेंद पर मारक्रम को कैच दे बैठे। श्रेयस अय्यर 11 रन बनाकर शम्सी की गेंद पर पगबाधा हो गए।

वेंकटेश अय्यर 33 गेंदों में 22 रन बनाकर स्टंप हो गए। ठाकुर ने अपने शानदार बल्लेबाजी का सिलसिला जारी रखते हुए 38 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाये और रविचंद्रन अश्विन के साथ सातवें विकेट के लिए 48 रन की अविजित साझेदारी की। ठाकुर ने तीन चौके और एक छक्का लगाया जबकि अश्विन ने 24 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के के सहारे नाबाद 25 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से शम्सी ने 57 रन पर दो विकेट लिए। डी कॉक को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया।