हार के डर से द.अफ्रीका ने किया था पिच विवाद का ड्रामा : मोहम्मद शमी

नई दिल्ली। भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने खुलासा किया है कि दक्षिण अफ्रीका ने अपने मैदान में हार के डर से पिच विवाद का ड्रामा पैदा किया था।

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच जोहानसबर्ग टेस्ट के चौथे दिन पिच को लेकर दोनों टीमों के बीच विवाद हुआ था। जब डीन एल्गर को बाउंसर लगी थी और मैदान पर रैफरी तक आ गए थे। जिस टेस्ट में हिंदुस्तान की जीत पक्की मानी जा रही थी। उस पिच पर दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज़ खेलने से डरने लगे थे।

बंद कमरे में कप्तान विराट कोहली पर मैच रद्द करने का दबाव डाला जा रहा था लेकिन शमी ने पांच विकेट झटके और दक्षिण अफ्रीकी टीम की कमर तोड़ डाली। उस मैच के हीरो शमी ने पिच विवाद से जुड़े मुद्दे पर एक टीवी कार्यक्रम में बताया कि दक्षिण अफ्रीका ने हार के डर से यह पूरा ड्रामा किया था।

शमी ने कहा कि श्रीलंका के खिलाफ दिल्ली टेस्ट में भी कुछ इसी तरह का विवाद हुआ था। श्रीलंका ने मामले को कुछ ज्यादा ही बढ़ा चढ़ा कर पेश किया था। ठीक उसी तरह दक्षिण अफ्रीका अपने घर में खेल रहा था। इसके बावजूद वह जोहानसबर्ग के विकेट को खराब बताकर टेस्ट मैच बीच में ही छोड़ने का मन बना रहा था।

तेज गेंदबाज ने इस पूरे विवाद में कप्तान कोहली की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि इस मामले में विराट ने तेज गेंदबाजों और बल्लेबाजों से इस बारे में पूछा और हमने कहा कि हमें विकेट से कोई परेशानी नहीं है और हम यह मैच जारी रखना चाहते हैं।

शमी ने कहा कि वहीं, इससे पहले जब दक्षिण अफ्रीका गेंदबाजी कर रही थी तो कई बार हमारे बल्लेबाजों को भी गेंद लगी। उनके गेंदबाज बॉडी पर हिट कर रहे थे लेकिन जब उनकी बारी आई तो विकेट पर असमान्य उछाल की वजह से गेंद उनके बल्लेबाजों को लगी तो उन्हें लगा मैच बंद करवा देना चाहिए।

शमी ने दक्षिण अफ्रीका के इस रैवये की जमकर आलोचना की और कहा कि दक्षिण अफ्रीका ने ऐसा सिर्फ हार के डर की वजह से किया था। उन्होंने कहा कि जब हम उस विकेट पर डटे रह सकते थे तो अपने होम ग्राउंड पर दक्षिण अफ्रीका क्यों नहीं खेल सकता था।

इस दौरे पर टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में जीत से टीम का आत्मविश्वास बढ़ा है। युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा जो आपने आप में बड़ी उपलब्धि है। एक इकाई के तौर पर टीम इंडिया बेहद मजबूत है। हम हमेशा छोटे-छोटे टारगेट लेकर चलते हैं। हर पूरी सीरीज के बजाय एक-एक कर मैच पर ध्यान केंद्रित करते हैं।