6 साल बाद फिर लगा माउंट आबू थाने पर दाग, क्या धो पाएगा जोधपुर कनेक्शन!

माउंट आबू में 19 जनवरी को की गई वो कार्रवाई जिसमे कथित संलिप्तता की जांच में थाने पर गाज गिरी।
माउंट आबू में 19 जनवरी को की गई वो कार्रवाई जिसमे कथित संलिप्तता की जांच में थाने पर गाज गिरी।

सबगुरु न्यूज-सिरोही। माउंट आबू पुलिस पर छह साल बाद फिर एक बड़ा कलंक लगा। 25 जून 2016 को महिला के माध्यम से वहां के व्यवसाई को फंसवा कर ब्लैकमेल करने में तत्कालीन थानाधिकारी की संलिप्तता सामने आने के बाद 2022 में वहीं की पुलिस की जुआ के नेक्सस में सक्रिय भूमिका होने का आरोप लगा है। थानाधिकारी पर पर्यवेक्षण में लापरवाही की कार्रवाई की गई है।

जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा ये है कि थानाधिकारी जोधपुर के प्रमुख नेता के कनेक्शन से यहां आए थे, ऐसे में सवाल ये है कि ये कनेक्शन उन्हें बचाने में भी मदद करेगा या सच्चाई को सामने आने देगा।
19 जनवरी के सैफरन विला होटल में जुए की कार्रवाई में कथित मिलीभगत और लापरवाही सामने आने पर सिरोही पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने माउंट आबू थानाधिकारी के साथ पूरा माउंट आबू का लगभग थाना ही बदल दिया है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के जारी आदेश के अनुसार माउंट आबू थानाधिकारी देवेंद्रसिंह के खिलाफ विभागीय जांच विचाराधीन होने से उन्हें लाइन हाजिर किया है तो 4 हेडकांस्टेबल समेत 6 कॉन्स्टेबल का प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण किया है।

इस जुआ प्रकरण में पहले ही एक एएसआई उदाराम को निलंबित कर दिया गया था।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने माउंट आबू थानाधिकारी के साथ हैड कांस्टेबल जगदीश, अभयसिंह, जगमालसिंह, नारायणसिंह के अलावा कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश,ओमाराम, जयराम, देवीसिंह, निरंजनसिंह, नाथूराम को स्थानांतरित कर दिया है।

माउंट आबू थाने पर इतनी बड़ी कार्रवाई जून 2016 में उस दौरान हुई थी। जब वहां के तत्कालीन थानाधिकारी की एक महिला के माध्यम से व्यापारी को फँसवाकर ब्लैकमेल कर 30 लाख रुपये वसूलने की जानकारी सामने आई थी।
– करीब 6 साल पहले ये हुआ था मामला
माउण्ट आबू में 25 जून 2016 को एक पुलिस करवाई की गई। जिसमें माउंट आबू थानाधिकारी जोधपुर की एक महिला के साथ व्यापारी को साथा थाने में लाये। बाद में इस मामले में ये बात सामने आई कि माउंट आबू थानाधिकारी रामचन्द्र जोधपुर के 4 अन्य लोगों के द्वारा महिला के माध्यम से व्यापारियों को फँसवाकर ब्लैकमेल करने के एक गिरोह से मिले हुए हैं।

जिस तरह वर्तमान प्रकरण में एस आई उदाराम का मटका किंग से पुराना नाता निकला है उसी तरह रामचन्द्र के भी जोधपुर में तैनाती के समय उक्त गिरोह से सम्पर्क हुआ था। तत्कालीन डीएसपी प्रीति कांकाणी की जांच के बाद जोधपुर आई जी हवासिंह घुमरिया ने इस मामले की जांच की थी। इस प्रकरण में माउंट आबू के तत्कालीन थानाधिकारी के खिलाफ माउंट आबू थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया। इन प्रकरण में थानाधिकारी रामचन्द्र को निलंबित भी किया गया था।
-किये थे 23 लोग गिरफ्तार
माउंट आबू के सैफरन विला होटल में 19 जनवरी 20212 को हुई कार्रवाई में कोई बड़ी धनराशि दांव पर लगी हुई तो बरामद नहीं हुई, लेकिन इस कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए 26 लोगों से पूछताछ और सर्विलेंस पर माउंट आबू में जुआ का खेल वहां की पुलिस की निगरानी में चलने की बड़ी बात सामने आई। पूर्व पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष टांक के कारण प्रदेश में बदनाम हुई सिरोही पुलिस की इमेज को चमकाने के लिये जितना डिटर्जेंट इस्तेमाल किया जा रहा है ये दाग और निखरता जा रहा है।

ये बात अलग है कि पुलिस विभाग के संरक्षण में पनप रहे अपराधों में पुलिस विभाग की मिलिभगत को उजागर करके वर्तमान पुलिस अधीक्षक हिम्मत अभिलाष टांक द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर लगाए दाग को साफ करने में काफी हद तक सफल हुए हैं।

इनका कहना है…

आज CO सिरोही द्वारा जांच रिपोर्ट सौंपी गई। जांच से Constable सुभाष बिश्नोई की भी भूमिका सामने आयी। SHO की पर्यवेक्षण में लापरवाही के कारण लाइन हाजिर किया गया एवं 17 CCA नोटिस दिया गया I

धर्मेंद्र सिंह

पुलिस अधीक्षक, सिरोही।