एसएससी परीक्षार्थियों के विरोध प्रदर्शन में पहुंचे अन्ना हजारे

SSC exam paper leak : Anna Hazare meets protesters in Delhi
SSC exam paper leak : Anna Hazare meets protesters in Delhi

नई दिल्ली। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे रविवार को कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा में कथित धांधली होने को लेकर विरोध कर रहे छात्रों के प्रदर्शन में शामिल हुए और सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की।

विरोध कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों से अन्ना हजारे ने अहिंसा पूर्ण ढंग से अपनी बात कहने और मांग रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आपत्तियों को ध्यानपूर्वक सुनना चाहिए और उनकी मांग पर विचार करना चाहिए।

छात्रों ने एसएससी पेपर लीक मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी मिला है। सिंह ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अन्ना हजारे ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि अन्याय और अत्याचार का विरोध करते समय यह बेहद जरूरी है कि अहिंसा के रास्ते को अपनाया जाए। यही लोकतंत्र की ताकत है। उन्होंने कहा कि हम इस संबंध में सरकार के फैसले का इंतजार करेंगे। इसके बाद जो भी जरूरी होगा, किया जाएगा। लेकिन इसके बीच मैं आप सभी से अपील करता हूं कि हमें हिंसक नहीं होना है।

इससे पहले छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व केंद्रीय गृह मंत्री से मिला था। मुलाकात के बाद तिवारी ने संवाददाताओं को बताया कि सिंह ने छात्राें की चिंताओं और आपत्तियों को ध्यानपूर्वक सुना तथा इस मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।

एसएससी की परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले को लेकर सैकड़ों उम्मीदवार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। वह इस घटना की केन्द्रीय जांच ब्यूरो से जांच की मांग कर रहे हैं। इन उम्मीदवारों ने पिछले कुछ दिनों से अपनी मांग को लेकर अभियान तेज़ कर दिया है।

इन उम्मीदवारों ने प्रश्नपत्र लीक होने के मामले में परीक्षा का आयोजन करनेवाली निजी संस्था पर आरोप लगाया है। गौरतलब है कि प्रश्नपत्र लीक होने के बाद उसका स्क्रीन शॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे यह मामला प्रकाश में आया।

इसके बाद देश भर में इस पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और इन उम्मीदवारों ने प्रदर्शन कर जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पूरे मामले की जांच सीबीअाई से कराने की मांग का समर्थन किया है। कांग्रेस ने इसे दूसरा व्यापमं बताया है।