लावण्या को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा : अभाविप

नई दिल्ली। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने तमिलनाडु के लावण्या आत्महत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार की गईं अभाविप की महासचिव निधि त्रिपाठी की रिहाई का स्वागत करते हुए कहा है कि लावण्या को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।

मंगलवार को चेन्नई में आठ दिन की न्यायिक हिरासत के बाद जमानत पर रिहा हुई त्रिपाठी का नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अभाविप के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। अभाविप के मीडिया संयोजक सिद्धार्थ यादव ने कहा कि लावण्या मामले में आठ दिन तक अभाविप के कार्यकर्ताओं को तमिलनाडु सरकार ने जेल में प्रताड़ित किया, लेकिन कार्यकर्ताओं की हिम्मत नहीं तोड़ पाई हैं।

उन्होंने कहा कि लावण्या को न्याय दिलाने के लिए हम पिछले कई दिनों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। हम ये भी बताना चाहते हैं कि तमिलनाडु सरकार तथा प्रशासन मुजरिमों को बचाने की जितनी भी कोशिश कर ले, हम मुजरिमों को सजा तथा लावण्या को इंसाफ दिलाएंगे।

अभाविप की नेता त्रिपाठी 14 फरवरी को अन्य कार्यकर्ताओं के साथ लावण्या आत्महत्या मामले में चेन्नई में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के आवास के सामने प्रदर्शन कर रही थीं और इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

उल्लेखनीय है कि बीते दिनों तमिलनाडु के तंजावुर जिले के सेक्रेड हर्ट्स स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्ष की छात्रा लावण्या एम ने आत्महत्या कर ली थी। अभाविप और भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया था स्कूल प्रशासन ने लावण्या पर धर्मांतरण का दवाब डाला था, जिससे तनाव के चलते उसने आत्महत्या कर ली।