भारतीय राजनीति के क्षितिज को तेजस्वी तारा अस्त हो गया: सुमित्रा महाजन

 Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan
Lok Sabha Speaker Sumitra Mahajan

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय राजनीति के क्षितिज का तेजस्वी तारा अस्त हो गया।

महाजन ने यहां अपने बेहद भावुक शोक संदेश में कहा कि भारतीय राजनीति के आसमान का तेजस्वी तारा आज अस्त हो गया। भारत रत्न ही नहीं सचमुच भारत माता के मुकुट का एक दैदीप्यमान रत्न जिसने साहित्य हो या राजनीति, सामाजिक सौहार्द की बात हो या राजनीतिक संयम और सभी दलों के नेताओं को अपनी सुरम्य भाषा से प्रभावित कर, एकत्रित करके एक अनूठी मिसाल कायम की।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफर में युगपुरुष अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति के क्षितिज पर उभरे सर्वाधिक चमकदार सितारे थे। वह भारत माता के महानतम सपूतों में से एक थे। जब वे संसद, सभा, गोष्ठियों एवं सम्मेलनों में भाषण दिया करते थे तो श्रोतागण मंत्रमुग्ध होकर बातों को सुनते थे और आनंदित होते थे। उनके मोहक व्यक्तित्व का चुम्बकीय प्रभाव भारत के जनमानस पर था।

महाजन ने कहा कि वाजपेयी एक संवेदनशील कवि, एक राष्ट्रवादी पत्रकार, एक जननेता, एक राष्ट्रनायक, एक युगदृष्टा थे। एक राजनीतिज्ञ के रूप में सिद्धान्तों पर आधारित राजनीति, साहसिक निर्णय क्षमता, दूरदृष्टि, सौम्य व्यवहार एवं हास-परिहास उनकी विशिष्ट पहचान थी। वह हाजिरजवाबी एवं साफगोई से सच्ची बात बड़ी सरलता से कह देते थे।

उन्होंने कहा कि उनके जैसे लाखों कार्यकर्ताओं के लिए वाजपेयी एक पितृपुरुष, गुरू एवं मार्गदर्शक थे जिन्होंने अपने प्रेरणादायी व्यक्तित्व से लाखों कार्यकर्ताओं को अभूतपूर्व प्रेरणा एवं विश्वास दिया। वह अपने जीवनकाल में ही एक युग परिवर्तक नेता बन गए थे। उनके महाप्रयाण से राष्ट्र की अपूरणीय क्षति हुई है।

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