उच्चतम न्यायालय का आदेश, ममता बनर्जी की नैतिक हार : कैलाश विजयवर्गीय

Supreme Court order, moral defeat of Mamta Banerjee: Kailash Vijayvargiya
Supreme Court order, moral defeat of Mamta Banerjee: Kailash Vijayvargiya

नयी दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में चिटफंड घोटालों की जांच के सिलसिले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) एवं स्थानीय पुलिस के बीच टकराव के मामले में उच्चतम न्यायालय के ताजा आदेश का स्वागत करते हुए इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ‘नैतिक हार’ और ‘प्रजातंत्र की जीत’ करार दिया है।

उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करने के बाद कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को सीबीआई के साथ सहयोग करने का अादेश दिया तथा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और कोलकाता पुलिस आयुक्त को अवमाननना का नोटिस दिया है। भाजपा के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने न्यायालय का फैसला आने के बाद ट्वीट करके कहा, “ सुश्री ममता बनर्जी की नैतिक हार । प्रजातंत्र की जीत। राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने के आदेश।”

विजयवर्गीय ने एक अन्य ट्वीट में सुश्री बनर्जी पर आरोप लगाया कि उनके राज में गरीबों के साथ नाइंसाफी हुई है और कभी गरीबों के लिए लड़ने का ढोंग करने वाली सुश्री बनर्जी आज चिटफंड कांड के आरोपियों एवं एक पुलिस अधिकारी के लिए मरने मारने पर आमादा है।

उन्होंने कहा, “गरीबों की हाय ले डूबेगी चिटफंड कंपनियों ने तृणमूल कांग्रेस सरकार के साथ मिलकर गरीबों को लूटा है। 40 हज़ार करोड़ के लुटेरों को भगवान भी माफ नहीं करेगा! ममता के राज में गरीबों के साथ नाइंसाफी!” उन्होंने पूछा, “ ममता बैनर्जी में ये बदलाव क्यों ?? कभी गरीबों के लिए लड़ने का ढोंग करने वाली सुश्री बनर्जी आज आईपीएस अधिकारी राजीव कुमार को बचाने के लिए मरने मारने को तैयार है! चिटफंड कांड के आरोपियों से ये कैसा स्नेह।”

उच्चतम न्यायालय ने कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार को शारदा चिटफंड मामले की जांच में सहयोग करने के निर्देश देते हुए कहा कि श्री कुमार से पूछताछ शिलांग में होगी। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने शीर्ष अदालत के आदेश की अवमानना के एक मामले में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और श्री कुमार के खिलाफ नोटिस भी जारी करके उन्हें 18 फरवरी तक जवाब देने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।