वन बेल्ट वन रोड : भारत की सम्प्रभुता को चुनौती

अजमेर। चीन की चीन-पाक इकोनाॅमिक काॅरिडोर परियोजना भारत के लिए पहले ही एक गंभीर चुनौति बनी हुई थी, अब वह वन बेल्ट वन रोड के नाम से सिल्क रूट को बनाना चाह रहा है। इससे भारत की संप्रभुत्ता को खतरा बढेगा। यह बात बुधवार को स्वदेशी जारगण मंच के महानगर संयोजक डाॅ संत कुमार ने दयानन्द बाल निकेतन के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कही।

स्वदेशी सप्ताह के तहत आयोजित कार्यक्रम में डाॅ संत कुमार ने कहा कि चीन के मार्ग में भारत का पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भी आता है इसके अतिरिक्त इस परियोजना के बाद चीन विश्व की सर्वाधिक ताकतवर महाशक्ति बन जाएगा। हमें चीनी सामान को भारत के बाजारों से बाहर करना होगा तभी हम चीन की आर्थिक ताकत को कम करके इसे महाशक्ति बनने से रोकना होगा।

इस अवसर पर डाॅ संत कुमार ने अपने सम्बोधन में चीनी वस्तुओं से बढती उद्यम बन्दी व बेरोजगारी, गंभीर संकट में चीन ऐसे में भारत क्यों बने तारनहार, चीन की भारत विरोधी व शत्रुतापूर्ण कार्यवाहियां व समाधान विषय पर चर्चा की।

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ललित अरोडा मुख्य वक्ता डाॅ संत कुमार विशिष्ठ अतिथि ऋतु परिहार ने सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्वदेशी अपने की शपथ दिलाई गई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवनीत अरोडा ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया मंच का संचालन अध्यापिका प्रतीक्षा ने किया।

स्वदेशी सप्ताह के तहत स्वदेशी जागरण मंच की विभाग संयोजिका बीना रानी ने द्वारा राउमावि कल्याणीपुरा व गुलाबबाडी विद्यालय में स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने की बात कही। अपने सम्बोधन में उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हमारे त्यौहारों पर हम स्वदेशी सामान अपनाएं ना कि विदेशी सामान दीपावली पर दीपक जलाए ना कि चीन द्वारा निर्मिल लाइट और पटाखे। हमें बाजार से विदेशी सामान न खरीद कर देश भक्ति का परिचय देना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय की प्राधानाचार्य नूतन लुहाडिया, अध्यापिकाएं स्नेहलता, रितुबाला, जितेन्द्र, रविन्द्र, अजीत सिंह, देवी सिंह, गुलाबवाडी विद्यालय की प्रधानाचार्य वीना शाह, कमलेश, नमिला, सुमन, मधु, निशा, रेखा सहित अनेक अध्यापक उपस्थित थे।