आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में स्वदेशी ही मूल मंत्र : सारंग

अजमेर। भारतीय संस्कृति का मूल ही स्वदेशी है। हमें अपनी संस्कृति पर गर्व है। यह बात जनार्दन राय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर शिव सिंह सारंग देव ने शनिवार को स्वदेशी जागरण मंच चित्तौड़ प्रांत की ओर से आयोजित प्रांत विचार वर्ग को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बचाए रखना है तो अपने देश और देश में निर्मित वस्तुओं पर अभिमान करना होगा। आत्मनिर्भर, कृषि, राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक विषय पर विचार रखते हुए उन्होंने आत्मनिर्भर भारत में स्वदेशी विचार को ही मूल बताया। उन्होंने कहा कि भारत को विश्व की आर्थिक शक्ति बनाने के लिए स्वदेशी विचार को अपनाना होगा तभी हम एक सशक्त और समृद्धि भारत के विकास की कल्पना कर सकते हैं।

उदयपुर के प्रसिद्ध आलोक विकास संस्था के निदेशक प्रमोद कुमावत ने भारतीय शिक्षा पद्धति पर अपने विचार रखते हुए कहा कि शिक्षा में सुधार के माध्यम से हम भारत के युवा और बच्चों को संस्कारित और स्वाभिमानी बना सकते हैं। इसकी समस्त जिम्मेदारी समाज की है।

स्वदेशी जागरण मंच चित्तौड़ प्रांत संयोजक पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि गत 2 वर्षों में कोरोना वायरस के कारण स्वदेशी जागरण मंच के कार्यक्रम और अभियान ऑनलाइन आयोजित किए गए। कोरोना काल के पश्चात चित्तौड़ प्रांत में शामिल 12 जिलों के कार्यकर्ता सेक्टर 4 में स्थित विद्या निकेतन बालिका विद्यालय में प्रांत विचार वर्ग में एकत्र हुए हैं।

चित्तौड़ प्रांत में अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, भीलवाड़ा, चित्तौड़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित 12 जिले शामिल हैं। प्रांत विचार वर्ग में इन 12 जिलों के प्रमुख कार्यकर्ताओं के विभिन्न विषयों पर विचार की साझेदारी संगठन को गति प्रदान करेगी।

चित्तौड़ प्रांत प्रचार प्रमुख डॉक्टर संत कुमार अजमेर ने बताया कि दो दिवसीय शिविर में कुल 6 सत्रों का आयोजन होगा। शनिवार को चार सत्रों का आयोजन किया गया। प्रथम सत्र में जोधपुर प्रांत के प्रांत संयोजक अनिल कुमार वर्मा ने वैश्विक आर्थिक साम्राज्यवाद विषय पर अपने विचार रखे। प्रथम सत्र की अध्यक्षता भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य अमर सिंह सांखला ने की।

द्वितीय सत्र में कार्यकर्ता निर्माण प्रक्रिया विषय पर क्षेत्र विचार विभाग प्रमुख जय सिंह शक्तावत ने अपने विचार रखे। सत्र की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद उपाध्याय ने की तथा संचालन भीलवाड़ा विभाग सह संयोजक डॉ देवीलाल साहू ने किया।

तृतीय सत्र के विषय जन आंदोलन में कानून की भूमिका विषय पर क्षेत्र प्रचार प्रमुख राजस्थान हाई कोर्ट के एडवोकेट सुदेश सैनी जयपुर ने विचार रखे। सत्र की अध्यक्षता पूर्व राष्ट्रीय परिषद सदस्य स्वदेशी जागरण मंच मोहन भट्ट चित्तौड़गढ़ ने की।

चतुर्थ सत्र में डॉ धर्मेंद्र दुबे ने स्वदेशी जागरण मंच के आगामी अभियानों में कार्यकर्ताओं की भूमिका विषय पर उदबोधन दिया। तथा प्रत्येक जिले के जिला संयोजक द्वारा गत 2 वर्षों में जिले के कार्यकर्ताओं द्वारा स्वदेशी जागरण मंच के अभियानों की जिला अनुसार चर्चा की गई।

प्रांत विचार वर्ग में स्वदेशी जागरण मंच राजस्थान क्षेत्र सह संयोजक डॉ सतीश आचार्य, प्रांत संयोजक अनिल वर्मा, स्वदेशी जागरण मंच कृषि प्रकोष्ठ के अखिल भारतीय प्रमुख भागीरथ चौधरी, प्रांत संघर्ष वाहिनी प्रमुख एडवोकेट लालू राम, उदयपुर विभाग संयोजक प्रमोद शर्मा, सह संयोजक सोहनलाल, प्रचार प्रमुख महेश सोनी, चैन सिंह सोलंकी, महानगर संयोजक रमेश पुरोहित, भानु प्रकाश शर्मा, क्षेत्र विचार विभाग प्रमुख जय सिंह शक्तावत सहित प्रत्येक जिले के जिला संयोजक महानगर संयोजक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इससे पूर्व अतिथियों द्वारा दत्तोपंत ठेंगड़ी और भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।