‘हमारे सामाजिक ताने बाने को नुकसान पहुंचा रही पाश्चात्य संस्कृति’

swadeshi jagran manch two days workshop at pushkar in ajmer
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अजमेर/पुष्कर। वर्तमान समय में चकाचौंध कर देने वाली बाजार संस्कृति, विज्ञापनों का मायाजाल, आपसी होड तथा विदेशी कंपनियों के पैसे से टीवी चैनलों के जरिए दिखाए जा रहे प्रायोजित नाटकों के चलते हम वैश्विक उपभोक्तावाद के चंगुल में फंसते जा रहे हैं। ये बात स्वदेशी जागरण मंच के आखिल भारतीय संगठक कश्मीरीलाल ने शनिवार को पुष्कर स्थित भारत सेवा संघ के प्रांगण में आयोजित मंच के प्रदेश विचार वर्ग के उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि हम भारतीय बडे ही सरल प्रवृति के होते हैं तथा इन सभी माध्यमों से परोसे जा रहे मीठे जहर से प्रभावित होकर पाश्चात्य संस्कृति के भ्रमजाल में फंस जाते हैं। से विदेशी संस्कृति और बाजारीकरण हमारी स्वदेशी संस्कृति व सामाजिक ताने बाने को नुकसान पहुंचा रही है।

उन्होंने कहा कि यह मानना भूल है कि स्वदेशी का संबंध केवल वस्तुओं या सेवाओं से है। स्वदेशी का मतलब है देश को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की प्रबल भावना, राष्ट्र की सार्वभौमिकता, स्वतंत्रता की रक्षा की भावना, स्वदेशी की धारणा होने का अर्थ ही सही मायने में देशभक्ति है, लेकिन मात्र बोलने से यह प्रकट नहीं होती बल्कि राष्ट्रीय जीवन और व्यक्तिगत जीवन के सभी कार्यो में स्वदेशी का दर्शन भी होना चाहिए।

इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख प्रदीप शर्मा ने पर्यावरण एवं प्रचार माध्यम, तब खादी अब खाद तथा अखिल भारतीय सह संगठक सतीश कुमार ने वर्तमान आर्थिक वैश्विक परिदृश्य में ट्रेडवार विषय पर विचार व्यक्त किए।

मंच के राजस्थान प्रांत के संयोजक डॉ धर्मेन्द्र दुबे ने बताया कि प्रदेश विचार वर्ग में राजस्थान के 23 जिलों से सैकडों कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों के बढते प्रभाव के चलते वर्तमान में भारतीय लघु उद्योगों व कुटीर उद्योगों के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। जबकि इनका उत्थान देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। विश्व व्यापार संगठन, ईकॉमर्स, विदेशी निवेश, जीएम कार्पस जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी स्वदेशी जागरण मंच जनजागरण कर रहा है साथ ही सरकारों का ध्यान इन विषयों की ओर लाने के लिए प्रयासरत है।

वर्ग संयोजक डॉ अरुण अरोडा ने बताया कि रोजगार, पर्यावरण, परिवार, राष्ट्रीय एकता, जन स्वास्थ्य, आईपीआर, डब्ल्यूटीओं, एफडीआई, ईकॉमर्स, ट्रेडवार, जीएम कार्पस, सेल्फ हेल्प ग्रुप,माइक्रो फाइनेंस, आर्थिक शब्दावली प्रेस, सोशल मीडिया, पत्रिका, पत्रक, प्रवास, संगठन समेत अनेक विषयों पर आयोजित सत्रों में महत्वपूर्ण चर्चा होगी।

शाम को सभी स्वदेशी कार्यकर्ताओं द्वारा पुष्कर नगर में स्वदेशी रैली निकाल कर जनजागरण किया गया साथ ही सरोवर में आरती कर राष्ट्र की आर्थिक उन्नति की मंगलकामना की गई।