स्वामी टेऊंराम जन्मोत्सव के दौरान प्रेम प्रकाश आश्रम मार्ग का लोकार्पण

अजमेर। सत्गुरू स्वामी टेऊंराम महाराज के 132वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में प्रेम प्रकाश आश्रम वैशाली नगर में आयोजित पांच दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों का बुधवार को हर्षोल्लास के साथ समापन हुआ।

आश्रम के संत ओम प्रकाश शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम के अंतिम दिन सुबह 6.30 बजे सत्गुरू स्वामी टेऊराम महाराज व स्वामी बसंतराम महाराज व अन्य श्रीविग्रह (मूर्तियों) की पूजा कर 132 भोग लगाए गए साथ ही 132 दीपों के साथ महाआरती हुई।

8 बजे से विद्वान पण्डित कृष्ण कुमार व्यास महाराज के सान्निध्य में पण्डितों द्वारा सर्वजन हिताय सर्व जन सुखाय की भावना के साथ वैदिक मन्त्रोचारण से हवन किया। पूर्णाहूति के बाद 10 बजे शहनाई वादन के साथ सनातन धर्म का प्रतीक प्रेम प्रकाश ध्वज का ध्वजावन्दन ‘हम गीत सनातन गाएंगे नित झण्डा धर्म झुलाएंगें’ के साथ हुआ।

10.30 बजे प्रेम प्रकाश आश्रम मार्ग का लोकार्पण प्रेम प्रकाश मण्डल के मण्डलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज के कर कमलों से हुआ। समारोह में महापौर धर्मेन्द्र गहलोत, राजस्थान सिन्धी अकादमी के अध्यक्ष हरीश राजानी, पार्षद वीरेन्द्र वालिया, पार्षद दीपेन्द्र लालवानी के साथ अन्य गणमान्य एवं श्रद्धालुगण उपस्थित थे।

प्रेम प्रकाश मण्डल के मण्डलाचार्य भगत प्रकाश महाराज ने इस अवसर पर कहा कि प्रेम प्रकाश का अर्थ होता ही होता है सब ओर प्रेम का प्रकाश फैलाना। आज का नामकरण इसी नाम से हुआ है। मानव का स्वभाव ही होता है अनुकरण करना। जो सोचता है, उसी का अनुकरण करता है।

इस तरह के मार्गों, स्थानों के नामकरण करने से समाज का हित ही होता है। इस वजह से इन स्थानों, मार्गों के नाम बार बार लेने से लोगों की मनोवृत्ति इस ओर जाती है तथा स्वस्थ विचाराधारा वाला समाज विकसित होता है।

इसलिए ही प्रेम प्रकाश मार्ग का आज लोकार्पण किया गया। जिन लोगों ने भी इस पावन कार्य में सहयोग दिया है उनके लिए गुरूदेव के चरणों में प्रार्थना एवं आशीर्वाद, उसके बाद सत्गुरू स्वामी टेऊंराम महाराज द्वारा रचित श्रीप्रेम प्रकाश ग्रन्थ के पाठ व श्रीमद् भगवद् गीता के पाठ का भोग हुआ तत्पश्चात आम भण्डारा हुआ।

शाम को सत्संग सभा में अमरापुर दरबार जयपुर द्वारा आयोजित सत्गुरू स्वामी टेऊंराम भजन स्मरण प्रतियोगिता में प्रथम हशू आसवानी, द्वितीय भगवान भगतानी एवं तृतीय रेणु जेठानी व हीना रायसिंघानी विजेताओं को स्वामी भगत प्रकाश महाराज द्वारा पुरस्कृत किया गया।

संत ओमप्रकाश, कोटा के स्वामी मनोहरलाल, स्वामी ब्रह्मानन्द शास्त्री, प्रेम प्रकाश मण्डलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज के प्रवचन हुए। सभी ने स्वामी टेऊंराम महाराज के जीवन पर प्रकाश डालकर उपस्थित श्रद्धालुओं को महाराज के बताए रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी।

प्रेम प्रकाश मण्डल के मण्डलाध्यक्ष स्वामी भगत प्रकाश महाराज ने 1008 सत्गुरू स्वामी टेऊंराम महाराज की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराज का जीवन चरित्र अमर है, उन्होंने गुरू की शरण में रहकर नाम स्मरण के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

श्वांस रूपि खजाना जो परमेश्वर ने हमें बक्शा है, उसको ऐसे व्यर्थ न गंवाओ। हर श्वांस के साथ नाम जप करके उन श्वांस का सद्पुयोग करें तथा अपने मानव जीवन के लक्ष्य की ओर बढ़ें। ईश्वर की कृपा हम पर बरसेगी। हमारा लोक परलोक सुधरेगा। उसके बाद पल्लव (अरदास) पाकर उत्सव की समाप्ति की घोषणा के बाद प्रसाद वितरण हुआ।

संत ओम प्रकाश ने 5 दिवसीय कार्यक्रम में सभी सहयोग प्रदान करने वालों का आभार व्यक्त किया। आगामी गुरू पूर्णिमा उत्सव के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गुरू पूर्णिमा 27 जुलाई के दिन यह उत्सव श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा।