कोटा में कोरोना के चलते पाबंदियों का दिखा असर

The effect of restrictions due to corona in Kota
The effect of restrictions due to 

कोटा। राजस्थान में वैश्विक महामारी कोरोना के चलते जारी नई गाइडलाइन के तहत कोटा में पाबंदियों का आज सुबह से ही व्यापक असर देखने को मिला।

हालांकि कई लोग जरूरी कार्यों की कारण शहर के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों से अपने घरों से बाहर निकले लेकिन उन्हें जगह-जगह पुलिस की नाकेबंदी का सामना करना पड़ा और जरूरी कारण स्पष्ट होने पर ही उन्हें आगे जाने की अनुमति मिली। हालांकि पुलिस ने बेवजह घूम रहे कई दुपहिया वाहन चालकों का चालान बनाकर जुर्माना वसूला।

प्रदेश में राज्य सरकार ने रविवार देर रात जन अनुशासन पखवाड़े के तहत नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें किराना, मेडिकल स्टोर, फल- सब्जी, विक्रेताओं, डेयरी पशु आहार, भोजन की होम डिलीवरी, पेट्रोल पंप, एटीएम सिटी, बस, ऑटो, कैब, सार्वजनिक परिवहन आदि जरूरी सुविधाओं में छूट दी गई है। इस छूट के अभाव में पिछली बार लोकडाउन के दौरान आम आदमी को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिससे सबक लेते हुए राज्य सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने कई जरूरी छूट प्रदान की है।

इन दिनों हिंदुओं का बडा पर्व चैत्र मास की नवरात्रि चल रहे हैं लेकिन राज्य सरकार की बंदिशों के चलते मंदिरों में आम आदमियों के प्रवेश पर पाबंदी है। नवरात्र के नौ दिनों में कोटा में प्रमुख माने जाने वाले ऐतिहासिक दाढ़ देवी माता जी के मंदिर और नानता का मंदिर सूने पड़े हैं। वहां आम आदमी के प्रवेश पर रोक है। केवल पुजारी ही पूजा अर्चना कर रहे हैं जबकि दाढ़ देवी माता के मंदिर स्थल पर तो कोरोना काल के पहले नौ दिवसीय मेला लगता था।

कोटा में कोरोना संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़ने के बाद इससे मरने वालों की संख्या भी बढ़ी हैं और इस कारण श्मशान घाट में कतार लगाकर मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार करने की प्रतीक्षा करने की भी नौबत आई।