तीस हजारी कांड : पुलिस के दो बड़े अधिकारियों का तबादला

नई दिल्ली। तीस हजारी की घटना के बाद गुरुवार को विशेष पुलिस आयुक्त संजय सिंह और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया।

सिंह संजय सिंह को विशेष आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर (उत्तरी) से विशेष आयुक्त लाइसेंसिंग ऐंड ट्रांसपोर्ट बनाया गया और  हरेन्द्र सिंह को पुलिस उपायुक्त( रेलवे) बनाया गया है। अपराध शाखा के विशेष आयुक्त सतीश गोलचा विशेष आयुक्त लॉ एंड ऑर्डर (उत्तरी) का कार्यभार भी संभालेंगे। उच्च न्यायालय ने दोनों अधिकारियों का तबादला करने का निर्देश दिया था।

तीस हजारी अदालत में शनिवार को पार्किंग विवाद को लेकर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए संघर्ष के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने संजय सिंह और हरिंदर सिंह को जांच पूरी होने तक स्थानांतरित करने के आदेश दिए थे।

पुलिस और वकीलों के बीच बैठक बेनतीजा

तीस हजारी अदालत परिसर की घटना के बाद पुलिस और वकीलों के बीच उत्पन्न गतिरोध को खत्म करने के लिए पुलिस अधिकारियों और बार एसोसिएशन के बीच गुरुवार शाम हुई बैठक में कोई हल नहीं निकला।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सेंट्रल रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त राजेश खुराना ने शाम को यहां अलीपुर मार्ग स्थित गवर्नमेंट ऑफिसर्स मेस में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक बुलाई थी। इस बैठक में तीस हजारी की घटना पर चर्चा होनी थी लेकिन डिस्ट्रिक्ट्स बार एसोसिएशन की समन्वय के पदाधिकारी भी बैठक के लिए पहुंच गए।

इन पदाधिकारियों को लगा था दिल्ली में पुलिस और वकीलों के बीच जारी गतिरोध को दूर करने पर चर्चा होगी। संवादहीनता के कारण बैठक का कोई नतीजा नहीं निकल सका। उन्होंने कहा कि आज की बैठक सिर्फ तीस हजारी अदालत में उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के लिए था बाकी अन्य अदालतों के मामलों के लिए अलग से बैठक होगी।

ऑल बार एसोसिएशन समन्यवय समिति के अध्यक्ष महावीर शर्मा ने हालांकि कहा है कि वार्ता के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मौजूद नहीं करने के कारण समन्वय समिति ने पुलिस के साथ होने वाली बैठक को रद्द कर दिया।

गौरतलब है कि दो नवंबर को तीस हजारी कोर्ट परिसर में हुई हिंसा और उसके बाद अन्य अदालतों में पुलिस के साथ मारपीट की घटना हुई थी। पुलिस ने मंगलवार को दिनभर विरोध प्रदर्शन था। दिल्ली की सभी जिला अदालतों में गुरुवार को भी वकील हड़ताल पर रहे और कोई कामकाज नहीं हो सका। पुलिसवालों ने भी अपनी सुरक्षा का खतरा मानकर कोर्ट परिसर से दूरी बनाए रखी।