टीएनपीसीबी ने दिए स्टरलाइट संयंत्र को बंद करने के आदेश

TNPCB orders closure of Sterlite plant in thoothukudi
TNPCB orders closure of Sterlite plant in thoothukudi

चेन्नई। तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तूतीकोरिन में वेदांता समूह के स्टरलाइट तांबा संयंत्र के विरोध में भड़की हिंसा के दो दिन बाद गुरुवार को इस संयंत्र को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया और संयंत्र की बिजली भी काट दी।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि टीएनपीसीबी के अध्यक्ष मोहम्मद नसीमुद्दीन ने बीती देर रात आदेश जारी किया जिसके आधार पर संयंत्र को तड़के सवा पांच बजे बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई।

संयंत्र के विरोध में दो दिन पहले भड़की हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। आंदोलनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज और फायरिंग में गंभीर रूप से घायल हुए सेल्वाशेखर (43) को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां सुबह उसकी मौत हो गई। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में घायल हुए कुछ पुलिसकर्मियों समेत 70 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

कंपनी के लाइसेंस के पिछली बार के नवीनीकरण में लागू शर्तों का पालन नहीं किए जाने के कारण कंपनी की ओर से 2018-2023 के लिए लाइसेंस के नवीनीकरण के वास्ते दिए गए आवेदन को नामंजूर कर दिया गया है।

बोर्ड ने आदेश दिया है कि संयंत्र पूर्व अनुमति लिए बगैर अथवा लाइसेंस के नवीकरण के बिना अपना उत्पादन/संचालन शुरु नहीं कर सकता है।

तिरुनेलवेली के संयुक्त मुख्य पर्यावरण इंजीनियर ने रिपोर्ट दी है थी कि संयंत्र के 18 और 19 मई को हुए निरीक्षण में पता चला कि संयंत्र अपना उत्पादन फिर से शुरु करने की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। उसने संयंत्र को बंद करने और बिजली काटने का आदेश देने का सुझाव दिया। इसके बाद ही बोर्ड ने यह निर्णय लिया।

इस बीच साेशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) की कर्नाटक प्रदेश समिति ने आंदोलनकारियों पर पुलिस फायरिंग के विरोध में आज स्टेट बैंक ऑफ मैसूरु चौराहे पर प्रदर्शन किया।

एसयूसीआई(सी) की प्रदेश समिति के सदस्य एम एन श्रीराम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि तूतीकोरिन के लोग और आसपास के गांवों के लोग संयंत्र को बंद करने की मांग कर रहे थे और कंपनी इसके विस्तार की योजना बना रही थी।

कंपनी के तांबा संयंत्र में सभी नियमों का उल्लंघन हो रहा था और इससे हवा, पानी और पर्यावरण प्रदूषित हो रहा था। लोगों द्वारा सांस संबंधी गंभीर समस्याओं और अन्य रोगों की शिकायत किये जाने पर संयंत्र में कुछ दिनों तक उत्पादन बंद कर दिया जाता था और कुछ समय बाद फिर से शुरु करने की अनुमति दे दी जाती थी। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीबारी की न्यायिक जांच की मांग की है।

तूतीकाेरिन में 22 मई को स्टरलाइट संयंत्र को बंद करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई में 13 लोग मारे गए थे। घटना के बाद से शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं और सड़काें से सरकारी बसें एवं अन्य वाहन भी नदारद हैं। इक्का-दुक्का निजी वाहन नजर आ रहे हैं अथवा पुलिस के वाहन गश्त लगा रहे हैं।