राजस्थान में तेज अंधड़ से 12 लोगों की मौत, नुकसान

Twelve dead as rainstorm hits several regions of Rajasthan

जयपुर। राजस्थान में तेज अंधड के कारण बुधवार को कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई तथा तीस से ज्यादा लोग घायल हो गए।

शाम को आए तेज अंधड के कारण कई मकान, शेड तथा पेड़ धराशाही हो गए तथा वाहनों की आपस में टक्कर हो गई। धौलपुर, भरतपुर, अलवर, करौली में तूफान का ज्यादा असर रहा जहां बिजली के पोल तथा पेड़ गिरे गए अौर कई मकान धराशाही हो गए तथा कई मकानों के दरवाजे टूट कर गिर गए और दुकानों के शाईन बोर्ड तक सड़कों पर आ गए।

भरतपुर में सबसे ज्यादा जनहानि हुई जहां डीग में चार लोगों की तथा भरतपुर में दो लोगों की मौत गई। धौलपुर में मोहन कॉलोनी में दो लोगों की मौत हाे गई तथा करौली में मकान गिरने से छह घायल हो गए।

भरतपुर जिले में उच्चैन के पास कुरका गांव में मकान गिरने से तीन लोग दबकर मर गए।भरतपुर के कुम्हेर गेट के पास मकान के मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। भरतपुर जिले में तेज हवाओं ने ताड़व सा मचा दिया जिससे बिजली के पोल तथा पेड़ों के गिरने से अंधेरा छा गया। बसेडी में भी कई कच्चे झौंपडे जलकर राख हो गए।

झुुंझुनूूं जिले के खेतडी में निर्माणाधीन मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। अलवर में अंधड़ में पेड़ गिरने से एक बालिका सहित तीन लोगों की मौत हो गई। शहर में अंधड के कारण जगह-जगह पेड़ तथा बिजली के खंभे गिर गए तथा मकानों के शीशे टूट गए, दरवाजे उखड गये तथा दुकानों पर लगे साईन बोर्ड तथा टीन शेड हवा में उड़ने लगे।

जानकारी के अनुसार शाम को आए अंधड़ से घंटाघर स्थित सब्जी मंडी में कई बड़े पेड़ गिर गए जिससे बरखेड़ा निवासी राकेश जांगिड़ (25) की पेड़ के नीचे दबने से मौत हो गई जबकि 20 से अधिक लोग घायल हो गए। सभी घायलों को अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया है। जिले के बहरोड़ में अंधड़ में उड़कर आई टीन के बालिका की गर्दन पर गिरने से उसकी मौत हो गई।

जयपुर सहित लगभग सभी स्थानाें पर अंधड का असर रहा। अंधड़ के कारण अंधेरा छा जाने के साथ तेज हवा के झौंको ने पेड़ों को धराशाही कर दिया तथा लोगों का चलना दुभर हो गया तथा यातायात भी रुक सा गया।

राष्ट्रीय राजमार्गो पर भी पेड़ों के सड़क पर आने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी के साथ हल्की वर्षा भी हुई। कई स्थानों पर बिजली बंद होने से अंधेरा छा गया तथा व्यापारियों को भी अपना कारोबार बंद करना पड़ा।