योगी आदित्यनाथ और प्रियंका गांधी के बीच हो रहा टि्वटर संघर्ष, फंसे प्रवासी मजदूर

Twitter conflict between Yogi Adityanath and Priyanka Gandhi migrant laborers stranded
Twitter conflict between Yogi Adityanath and Priyanka Gandhi migrant laborers stranded

सबगुरु न्यूज। पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश और राजस्थान के भरतपुर सीमा पर जुटे हजारों प्रवासी मजदूरों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच ट्विटर संघर्ष चल रहा है । इस सबके बीच प्रवासी मजदूर कई दिनों से भूखे प्यासे परेशान हो रहे हैं। योगी और प्रियंका गांधी को पहले जुबानी जंग बाद में करनी चाहिए। इन मजदूर के पास छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं हैं इनको खाने-पीने इंतजाम करके गांव को पहुंचाने की प्राथमिकता देनी होगी।

भरतपुर उत्तर प्रदेश के बाद गाजियाबाद में हजारों की संख्या में जुटे प्रवासी मजदूरों को लेकर दोनों के बीच सोमवार को भी तकरार जारी है। सोमवार को गाजियाबाद में उमड़ी मजदूरों की भीड़ पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार को घेरा तो अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पलटवार किया गया है। योगी आदित्यनाथ की ओर से ट्विटर पर कांग्रेस पर कुछ सवाल दागे गए हैं। यूपी सीएम ने पूछा है कि क्या कांग्रेस पार्टी ओरैया में हुई दुर्घटना की जिम्मेदारी लेगी?सोमवार को योगी आदित्यनाथ के दफ्तर के ट्विटर से ट्वीट किया गया।

प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी पर साधा निशाना

सोमवार दोपहर को श्रमिक ट्रेनों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए हजारों मजदूर एकजुट हुए थे। रामलीला मैदान में इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन हुआ और भीड़ बेकाबू नजर आई। इन्हीं को लेकर प्रियंका गांधी की ओर से यूपी सरकार पर निशाना साधा गया था। प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर लिखा था कि जब हमने 1000 बसें देने का प्रस्ताव रखा तो उसे ठुकरा दिया गया था, लेकिन अब मजदूरों के लिए यूपी सरकार खुद ही व्यवस्था नहीं कर पाई है।ये पहली बार नहीं है जब प्रवासी मजदूरों के मसले पर प्रियंका गांधी और योगी आदित्यनाथ आमने-सामने आए हैं। इससे पहले भी चिट्ठी और ट्विटर के जरिए दोनों के बीच इस तरह तीखा संवाद होता रहा है।

प्रवासी मजदूरों के लिए कांग्रेस की बसों को यूपी में घुसने से रोका

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के निर्देश पर राजस्थान कांग्रेस के कई नेता प्राइवेट बसें लेकर रविवार को भरतपुर जिले से यूपी बॉर्डर पर पहुंच गए। वहां उत्तर प्रदेश सरकार ने बसों को घुसने की परमिशन नहीं दी। कांग्रेस नेता देर शाम तक इन बसों को लेकर बॉर्डर पर ही खड़े रहे, रात को वापस लौटना पड़ा। इससे पहले भरतपुर-मथुरा रोड पर रारह बॉर्डर पर भी प्रवासी मजदूरों को यूपी में एंट्री नहीं दी गई। इस मुद्दे पर राजस्थान और उत्तर प्रदेश पुलिस आमने-सामने हो चुकी हैं। उस दौरान कई उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सिपाही घायल भी हो गए थे बाद में भरतपुर मथुरा के एसएसपी पहुंचने पर मामला शांत हो पाया था।

शंभू नाथ गौतम, वरिष्ठ पत्रकार

यह भी पढें
लॉकडाउन 4 : हवाई, मेट्रो और रेल यात्रा पर प्रतिबंध, कुछ फैसले राज्यों पर छोडे
गंभीर, हरभजन, युवराज ने शाहिद आफरीदी को दिया मुंहतोड़ जवाब
AAP MLA प्रकाश जारवाल को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा
कोरोना संकट : राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की अवधि में 31 मई तक इजाफा
चलो, कोरोना जैसे संकटकाल में भी थोडा मुस्कुरा लें
हर क्षेत्र में निजी कंपनियों को एंट्री, मनरेगा, स्वास्थ्य का बजट बढ़ेगा
एक्सरसाइज-योग और तनावमुक्त जीवनशैली से आप ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण पा सकते हैं
लीची रोग प्रतिरोधक, एक व्यक्ति खा सकता है नौ किलो लीची