वीर सावरकर पर राहुल की टिप्पणी से उद्धव ठाकरे असहमत

मुंबई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को कहा कि वह और उनकी पार्टी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस बयान से असहमत हैं कि वीडी सावरकर ने दया पत्र पर हस्ताक्षर किए क्योंकि वह अंग्रेजों से डरते थे।

शिवाजी पार्क में बालासाहेब ठाकरे के स्मारक पर उनकी 10वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी वीडी सावरकर के प्रति अत्यधिक सम्मान रखती है। उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए।

ठाकरे ने कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा है, हम उससे सहमत नहीं हैं। हम वीर सावरकर का सम्मान करते हैं। लेकिन, साथ ही, जब आप हमसे सवाल कर रहे हैं, तो भाजपा को यह भी बताना चाहिए कि वे जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ सत्ता में क्यों थे। उन्होंने दावा किया कि पीडीपी कभी भी भारत माता की जय नहीं कहेगी।

उन्होंने राकांपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन का पुरजोर बचाव किया और कहा कि हमने अंग्रेजों से मिली आजादी को बनाए रखने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया है। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रमित मत कीजिए।

स्वतंत्रता सेनानियों और उनके साथ अनेक क्रांतिकारियों ने बलिदान देकर देश को आजादी दिलाई, लेकिन वह आजादी अब खतरे में है। हमारा देश गुलामी की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने देश की आजादी की रक्षा के लिए एक साथ आने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने दोहराया कि स्वतंत्रता सेनानी सावरकर के लिए हमारे मन में बहुत प्यार, निष्ठा और सम्मान है। स्वतंत्रता नायक सावरकर ने देश के लिए बलिदान दिया और कष्ट सहे। उसी स्वतंत्रता को अब बनाए रखने की जरूरत है।