उद्धव ठाकरे का ‘शक्ति परीक्षण’ से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा

मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को विधानसभा में होने वाले शक्ति परीक्षण से पहले ही बुधवार रात इस्तीफा दे दिया।

ठाकरे ने उच्चतम न्यायालय के गुरुवार को होने वाले शक्ति परीक्षण पर रोक लगाने से इन्कार कर देने के बाद इस्तीफा दिया। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने उद्धव सरकार को गुरुवार पूर्वान्ह 11 बजे सदन में बहुमत सिद्ध करने का निर्देश दिया था।

ठाकरे ने आज शाम को हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस को उनकी सरकार को समर्थन देने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने महाराष्ट्र के वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रम पर दुख व्यक्त किया और कहा कि उनकी पार्टी के लोगों ने ही उन्हें धोखा दिया है। ठाकरे ने राज्य विधान परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।

मुख्यमंत्री ने फेसबुक लाइव के दौरान इस्तीफे की घोषणा की। ठाकरे ने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफे की भी घोषणा की है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए राजभवन रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि जो आज मुझे छोड़कर चले गए, उन्हें मैंने सब कुछ दे दिया, लेकिन जिनके लिए मैं ज्यादा कुछ नहीं कर पाया, वे हमारे साथ हैं।

उन्होंने कहा कि किस बात से बागी नाराज हो गए हैं। मुझे मुख्यमंत्री पद छोड़ने का कोई गम नहीं है। मैं मुंबई में भारी बारिश के बावजूद पिछले बुधवार को ही ‘मातोश्री’ आ गया था। मैं आज मुख्यमंत्री का पद इसलिए छोड़ रहा हूं क्योंकि मेरे ही लोगों ने मेरे साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि कल शिवसैनिकों का खून बहे और वे सड़कों पर उतरें। इसलिए वह कुर्सी को त्याग रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘शक्ति परीक्षण’ के राज्यपाल कोश्यारी के निर्देश पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद आज शाम ‘उद्धव युग’ का अंत हो गया। इसके बाद ठाकरे ने न केवल मुख्यमंत्री पद बल्कि विधान परिषद सदस्य के रूप में भी इस्तीफा देने का फैसला किया।

उच्चतम न्यायालय ने बुधवार रात को गुरुवार को ‘शक्ति परीक्षण’ पर रोक लगाने से इनकार कर उद्धव सरकार को झटका दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ठाकरे फेसबुक पर लाइव आए और अपने इस्तीफे की घोषणा की।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी नेता जयंत पाटिल ने कहा कि उनके पार्टी प्रमुख शरद पवार द्वारा एमवीए सरकार को बचाने के प्रयास विफल रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने से पहले अपनी जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया है।

इस बीच उद्धव ठाकरे के इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद भाजपा विधायकों ने उस होटल में ही जश्न मनाना शुरु कर दिया जहां वह ठहरे हुए हैं। पार्टी के निर्देशानुसार सभी भाजपा विधायक कल फ्लोर टेस्ट से पहले एक होटल में रुके हुए हैं।

ठाकरे ने हालांकि, अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए भाजपा विधायकों ने विश्वास व्यक्त किया कि देवेंद्र फडनवीस के नेतृत्व वाली सरकार राज्य को सुशासन प्रदान करेगी।

एक विधायक ने कहा कि फडनवीस के पास विकास की दृष्टि है और उम्मीद है कि एक बार फिर वह समग्र विकास के लिए राज्य की बागडोर संभालेंगे।इस बीच शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे के साथ मौजूद विधायकों और निर्दलीय विधायकों में भी शीर्ष न्यायालय के फैसले को लेकर खुशी का माहौल है।

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